पार्क के नाम पर खाली प्लॉट, उसमें भी झाड़ियां
कॉलोनी में पार्क के नाम पर खाली प्लॉट है। इसमें पार्क जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। वहां झाड़ियों के बीच ट्रांसफार्मर रखा है। वहां आठ हाईमास्ट लाइटें लगी हैं, पर वे जलती नहीं हैं। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि सुरक्षा के लिए उन्होंने 500 रुपये रोज के हिसाब में निजी गार्ड रखे हैं।
सफाई के नाम पर वसूली करते हैं बीडीए कर्मी
कॉलोनी निवासी ब्रजेश कुमार ने बताया कि घर के सामने घना जंगल है। यहां घर बनाकर परेशान हैं। न तो पानी की सुविधा है न ही सफाई का इंतजाम। बीडीए कर्मी साफ-सफाई के नाम पर प्रत्येक घर से 500 रुपये वसूलते हैं। अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि 33 लाख रुपये खर्च कर सेक्टर-नौ में घर बनाया, लेकिन यहां पानी तक का इंतजाम नहीं है। कई बार बीडीए दफ्तर गए। पानी टंकी चालू करने की मांग की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
डॉ. रविंद्र कुमार यादव ने कहा कि सेक्टर-नौ में करीब 100 मकान बने हैं। 60 मकानों में परिवार भी रह रहे हैं। यहां पानी, रोशनी, सफाई नहीं है। ज्यादातर व्यवस्थाएं खुद जुटानी पड़ती हैं। नालियां बाहर नहीं जुड़ी हैं। सीवर भी चालू नहीं है। राम निवास पाठक ने कहा कि सेक्टर-नौ में दो साल से रह रहे हैं। हाल में मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान मुख्य मार्ग की सफाई हुई थी। लोगों ने खुद के खर्चे पर मच्छरों से बचने के लिए दवाई का छिड़काव कराया था।
अफसरों की दलील
बीडीए के मुख्य अभियंता एपीएन सिंह ने कहा कि सभी सेक्टरों में टंकी से जलापूर्ति है। सेक्टर-नौ में लोहिया आवास पांच साल पहले से बने हैं। सभी लोग टंकी का पानी इस्तेमाल करते हैं। कहीं समस्या है तो उसे दिखवाएंगे। नलकूप पर स्टाफ और सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी लगे हैं।
बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने कहा कि टैंक का निर्माण चल रहा है। यह काम पूरा होने पर अन्य सभी दिक्कतें भी दूर करा दी जाएंगी।