बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की रामगंगा नगर योजना के आवंटी एक बार फिर छले जा रहे हैं। 11 साल पहले प्लाट आवंटन करा चुके ग्राहकों को डाक से भेजे नोटिस में बीडीए ने कहा कि अगर वह प्लाट खरीदने के इच्छुक न हों तो नौ प्रतिशत ब्याज सहित अपनी रकम वापस ले सकते हैं। हालांकि किसी ग्राहक पर रकम वापस लेने का दबाव नहीं डाला गया है। बाकी ग्राहकों को मार्च 2017 तक प्लाट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
बीडीए की रामगंगा नगर योजना में वर्ष 2004-05 में 11 सौ ग्राहकों ने प्लाट बुक कराए थे। ज्यादातर ने तय शर्तों के हिसाब से बीडीए को पूरी रकम भी चुकता कर दी लेकिन जमीन अधिग्रहण विवाद के चलते बीडीए से ग्राहकों को प्लाट पर कब्जे नहीं मिल पाए। रामगंगा नगर सरकार की स्मार्ट सिटी योजना में भी चयनित है। इसमें बीडीए को अपनी जमीन महंगी होने की उम्मीद है। ऐसे में बीडीए ने उन ग्राहकों के सामने नौ प्रतिशत ब्याज दर से अपनी रकम वापस लेने का ऑफर दिया है जो बुक करा चुके प्लाट खरीदने के इच्छुक नहीं हैं। प्लाट आवंटियों को इस आशय के डाक से नोटिस भी भेजे गए हैं। अपना पैसा वापसी के इच्छुक आवंटी 25 फरवरी तक बीडीए में आवेदन कर सकते हैं। हालांकि प्रत्येक आवंटी को मार्च 2017 से पहले हर हाल में प्लाट देने का भरोसा भी दिया जा रहा है। ये ऑफर केवल उन ग्राहकों के लिए है जो इस समय तक प्रतीक्षा नहीं कर सकते।
बता दें कि रामगंगा नगर में बीडीए ने 11 साल पहले अहिरोला, मोहनपुर उर्फ रामगंगा नगर, डोहरिया और चंदपुर बिचपुरी में 269 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्लाट आवंटित कर दिए थे। बाद में किसानों से विवाद के चलते जमीन अधिग्रहण लटक गया। इसमें ग्राहक प्लाट बुकिंग में अपना पैसा लगाकर फंस गए। अब तक अधिकांश आवंटियों को प्लाटों पर कब्जे नहीं मिल पाए।
‘उन आवंटियों को नौ प्रतिशत ब्याज पर रकम वापस लेने का ऑफर दिया गया है जो मार्च 2017 तक प्रतीक्षा नहीं कर सकते। बाकी आवंटियों को इस समय तक प्लाट दे दिए जाएंगे।’ अजय सिंह, चीफ इंजीनियर बीडीए