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माधोबाड़ी के वाल्मीकि मंदिर में होगा रामायण पाठ, जलाए जाएंगे दीप

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demo photo - फोटो : demo photo
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वाल्मीकि जयंती की तैयारियों के लिए एडीएम ने की बैठक
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अधिकारियों के साथ ही कल जनप्रतिनिधि भी करेंगे पाठ

बरेली। वाल्मीकि जयंती इस बार कुछ अलग ही अंदाज में मनाई जाएगी। मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलन होगा, रामायण का पाठ पढ़वाया जाएगा। खुद सरकार इस कार्यक्रम को करवाने जा रही है। शासन से आदेश आने के बाद गुरुवार को पूरे दिन अधिकारी मंथन करते रहे कि किस मंदिर में रामायण पाठ कराया जाए। देर शाम माधोबाड़ी नई बस्ती में वाल्मीकि सद्भावना मेला स्थल तय हुआ। यहां मेला ग्राउंड में ही कार्यक्रम होगा। इसके लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी हैं।
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31 अक्तूबर को होने वाली महर्षि वाल्मीकि जयंती को लेकर शासन से आदेश आया है कि इस दिन मंदिर में दीप जलाए जाएं। मंदिरों में रामायण पाठ किए जाएं। जिला प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश के बाद गुरुवार को अधिकारी वाल्मीकि जयंती को होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने में लग गए। वाल्मीकि प्रकटोत्सव मेला समिति के अध्यक्ष मनोज थपलियाल व अन्य अफसरों के साथ बैठक की गई। मनोज थपलियाल ने एडीएम प्रशासन वीके सिंह को बताया कि वाल्मीकि जयंती पर हर साल नई बस्ती माधोबाड़ी में मेला लगता है। यहां वाल्मीकि मंदिर भी है। इस बार कोरोना के कारण मेला नहीं लगाया जा रहा है। इतना बताए जाने के बाद अधिकारियों ने मेला स्थल वाली जगह को ही कार्यक्रम के लिए तय कर दिया। इसके अलावा सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में वाल्मीकि मंदिर या फिर राम, हनुमान मंदिर में वाल्मीकि जयंती वाले दिन रामायण पाठ, भजन व दीपदान कराएं। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बृजपाल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। संस्कृति विभाग की मदद से कार्यक्रम कराया जाएगा।

दिन भर मंदिर तलाशते रहे अधिकारी

वाल्मीकि जयंती पर रामायण पाठ कहां कराया जाए, इसे लेकर अधिकारी दिन भर मंथन करते रहे। पहले शहर के आठ बड़े मंदिरों को चुना गया। फिर एक मंदिर चुनने की बात आई। चूंकि सभी अधिकारी इसमें शामिल होंगे और शहर की सड़कें उधड़ी पड़ी हैं इसलिए त्रिवटीनाथ मंदिर को चुना गया। यहां पहुंचने का रास्ता ठीक है। पार्किंग के लिए भी काफी जगह है। मंदिर परिसर में भी लोग आसानी से बैठ जाएंगे। कार्यक्रम के लिए मंदिर को भी जाकर देख लिया गया। इसके बाद अधिकारियों को पता चला कि माधोबाड़ी नई बस्ती वाल्मीकि मंदिर हैं यहां हर साल भव्य मेला भी लगता है। देर शाम यही जगह कार्यक्रम के लिए चयनित कर ली गई।

सुंदरकांड कर बांटा जाएगा प्रसाद

तय कार्यक्रम के मुताबिक 31 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे कार्यक्रम की शुरुआत होगी। महर्षि वाल्मीकि की आरती के बाद संगीतमय सुंदरकांड का पाठ होगा। पाठ समाप्ति के बाद भजन होंगे। इसके बाद आरती कर प्रसाद बांटा जाएगा। कार्यक्रम में अधिकारी शामिल रहेंगे। इसके अलावा सभी जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया है। कई महिला संगठन भी आयोजन में शामिल होंगे। मेला कमेटी के अध्यक्ष मनोज थपलियाल का कहना है कि सुंदरकांड में मास्क लगाना व कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करना अनिवार्य होगा।
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