चांद का दीदार करते दरगाह आला हजरत कमेटी के लोग
- फोटो : कमेटी
चांद दिखने के बाद बुधवार शाम सभी मसलकों ने रमजान मुबारक का एलान कर दिया। पहला रोजा बृहस्पतिवार को है। इसके साथ ही बरेली के मुस्लिम बहुल इलाकों में मुबारकबाद का सिलसिला शुरू हो गया। मस्जिदों में तरावीह की नमाज भी अदा की गई। इस्लामी माह रमजान का चांद देखने के लिए शाम से ही लोग खानकाहों, दरगाहों, मस्जिदों की छत और मैदानों पर एकत्र होने लगे थे। बादल होने की वजह से देर शाम तक बरेली में चांद नजर नहीं आया।
दरगाह आला हजरत स्थित सुन्नी मरकज से चांद न दिखने की सूरत में एलान नहीं किया गया। बाद में परतापुर से चांद की शरई शहादत मिलने के बाद काजी-ए-हिंदुस्तान असजद रजा खां कादरी ने भी रमजान का एलान कर दिया। जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान ने बताया कि परतापुर चौधरी के मौलाना नूर हसन व उनके पुत्र सलाह उद्दीन और गुलाब नगर से शुएब रजा व अब्दुर रजा ने चांद की शरई गवाही दी है। इससे पूर्व देवबंद सिलसिले के मुफ्ती मोहम्मद मियां, शिया जामा मस्जिद के इमामे जुमा मौलाना हसीन हैदर नकवी ने भी चांद होने का एलान किया।
बाजारों में छाई रमजान की रौनक
रमजान के चांद का एलान होते ही बाजारों की रौनक बढ़ गई। तरावीह पढ़कर निकले लोग इफ्तारी और सहरी के लिए खरीदारी करने सीधे बाजार पहुंचे। लोग हलीम कोरमे और कबाब पराठे का जायका लेते नजर आए। घर के लिए दूध, ब्रेड, बन, बटर, बिरयानी आदि की खरीदारी की। देर रात तक बाजार में रौनक बनी रही। यह नजारा खासतौर से पुराना शहर के सैलानी बाजार, कोहाड़पीर, किला बाजार आदि में देखने को मिला।