बरेली। श्यामगंज के प्रमुख किराना स्टोर रामा पंसारी के मालिक श्याम अग्रवाल और उसके दो सहयोगियों को वन्य जीवों के अंगों का कारोबार करने के आरोप में मंगलवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सोमवार शाम वन विभाग की टीम ने छापा मारकर दुकान से वन्य जीवों के अंगों के साथ कई प्रतिबंधित जड़ी बूटियां बरामद की थीं।
वाइल्ड लाइफ इंडिया की एंटी पोचिंग डिविजन को श्यामगंज में एक दुकान पर वन्य जीवों के अंग और कई प्रतिबंधित जड़ी-बूटियों के कारोबार की सूचना मिली थी। सोमवार शाम को एंटी पोचिंग डिविजन के अफसर दीपक कुमार ने बरेली प्रभाग के एसडीओ रवींद्र सक्सेना और वैभव चौधरी समेत काफी स्टाफ साथ लेकर श्यामगंज में रामा पंसारी पर छापा मारा था जहां 11 सियार सिंगी (सियार के शरीर के अंग), पटडा गोह (मॉनीटर लिजर्ड) के तीन लिंग, और पांच सौ ग्राम प्रतिबंधित जड़ी बूटी कुटकी बरामद होने के बाद दुकान मालिक श्याम अग्रवाल, उनके सहयोगी विशाल गुप्ता और मुनेश को गिरफ्तार कर लिया था।
वन विभाग की ओर से इस मामले में रामा पंसारी के मालिक श्याम अग्रवाल और उनके दोनों सहयोगियों के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मंगलवार को तीनों आरोपियों को वन विभाग की टीम ने अदालत में पेश किया। उनकी ओर से जमानत अर्जी भी दाखिल की गई लेकिन अदालत ने उसे खारिज करते हुए तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बेशकीमती सियार सिंगी से वशीकरण का दावा
माना जाता है कि सियार सिंगी को घर में रखने से हमेशा सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। यह तंत्र-मंत्र साधना और वशीकरण के लिए भी इस्तेमाल होती है। सिंगी सियार की नाक के ऊपर उगने वाला बालों का गुच्छा होता है जो वक्त के साथ बड़ा होने पर कड़ा हो जाता है। बताया जाता है कि सियार सिंगी की कीमत हजारों रुपये में होती है।
गोह के लिंग का भी होता है तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल
मॉनिटर लिजर्ड यानी गोह के लिंग का इस्तेमाल भी तंत्र-मंत्र के लिए होता है। बताया जाता है कि तांत्रिक इसे सिद्ध करके गुडलक यानी खुशियों के लिए इस्तेमाल करने का दावा करते हैं। गोह के लिंग की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तस्करी भी होती है। बाजार में यह भी काफी बेशकीमती है।
कुटकी से लिवर के इलाज का दावा
हिमालय में पाई जाने वाली दुर्लभ जड़ी कुटकी से लिवर और पीलिया के इलाज का दावा किया जाता है। बताया जाता है कि कुटकी भी काफी बेशकीमती औषधि है और काफी दुर्लभ भी है। कहा जाता है कि यह पित्त और कफ को संतुलित करती है। कई और रोगों में भी इसका इस्तेमाल होता है।
डीएफओ की निगरानी में फिर होगी दुकान की जांच
रामा पंसारी की दुकान की सील तोड़कर जल्द दोबारा चेकिंग की जाएगी। इस दौरान डीएफओ भरतलाल बतौर मजिस्ट्रेट मौजूद रहेंगे। यह कार्रवाई एक-दो दिन में किए जाने की जानकारी दी गई है।
निशाने पर आए कई और दुकानदार
रामा पंसारी की दुकान पर वन्य जीव के अंगों की बिक्री का मामला पकड़े जाने के बाद चर्चा है कि शहर में कई और दुकानदार भी वन्य जीवों के अंगों का कारोबार करतेे हैं। हालांकि वन विभाग और एंटी पोचिंग डिविजन की कार्रवाई के बाद ऐसे लोग चौकन्ने हो गए हैं। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि वन्य जीव के अंगों का प्रयोग झाड़ फूंक और शक्ति वर्धक के तौर पर भी किया जाता है।
रामा पंसारी के मालिक समेत तीनों लोगों की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। -भरतलाल, डीएफओ