डेढ़ शताब्दी से पहले हुई थी राम बरात की शुरुआत
होली के अवसर पर शहर में होने वाली बमनपुरी की रामलीला 164 साल पुरानी है। इसी कड़ी में राम बरात भी निकाली जाती है। राम लीला कमेटी के प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि होली पर इसकी शुरुआत फाल्गुन महोत्सव के रूप में की गई थी। फिर कुछ पंडितों और विद्वानों ने बताया कि तुलसी दास जी की विनय पत्रिका में होली पर भगवान राम की लीला और गीतों का वर्णन मिलता है।
उसी आधार पर यहां रामलीला की शुरुआत की गई। उस समय मंच आदि पक्के नहीं होते थे। श्री नृसिंह मंदिर के बाहर चौक में रामलीला का मंच बड़े-बड़े ड्रम पर तख्त रखकर बनाया गया था। वही स्थिति आज भी है, यहां पर पक्का मंच नहीं है। धीरे-धारे यह राम लीला भव्य रूप लेती गई। इसी के साथ राम बारात निकाले जाने की परंपरा शुरु हुई, जो आज ऐतिहासिक रूप ले चुकी है।
आज रात में होगा होलिका दहन
ज्योतिषाचार्य कृष्ण के.शर्मा के अनुसार आज रात में होलिका दहन है। इस दिन सुबह 9 बजकर 56 मिनट से रात 11 बजकर 14 मिनट तक भद्रा रहेगी। इस कारण होलिका दहन का शुभ मुहूर्त भद्रा के बाद रात 11 बजकर 14 मिनट से मध्य रात्रि 12 बजकर 14 मिनट बजे तक रहेगा।
ये है पूजा विधि
पूजा की सभी सामग्री लेकर होलिका दहन के लिए जाएं। वहां सबसे पहले जल अर्पित करें और जल अर्पित करते समय सात परिक्रमा लगाएं। इसके साथ होलिका पर कच्चा सूत बांधें, फिर गाय के गोबर से बने उपले अर्पित करें। इसके बाद हल्दी, गुलाल और फूल अर्पित करें।