इन गांवों में एक दिन पहले मनाया जाता है रक्षाबंधन
सदियों पुरानी परंपरा को आज भी कादरचौक, लभारी, चौडेरा, मामूरगंज, गढिया, ततारपुर, कचौरा, देवी नगला, सिसौरा, गनेश नगला, कलुआ नगला, किशूपरा गांव के लोग निभाते हैं और एक दिन पहले ही रक्षाबंधन मनाते हैं।
जितेंद्र मिश्रा बताते हैं कि यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस बहाने अपने पूर्वजों की गाथा को भी याद कर लिया जाता है। चंदेल वंश, आल्हा और पृथ्वीराज चौहान से जुड़ी रस्म है।
सुधीर यादव ने कहा कि महोबा शासन में यहां के जमींदार आल्हा पक्ष के साथ थे। उसी युद्ध में जाने की वजह से एक दिन पहले त्योहार मनाया था, जो अब तक चला आ रहा है। आल्हा ऊदल के इतिहास से संबंधित पुस्तक में इसका प्रसंग छपा हुआ है।