रक्षा बंधन पर भाई को तिलक लगाती एक बहन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बहनों ने वीडियो कॉलिंग करके भाइयों को राखी बंधती देखी
बरेली। रक्षा बंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के राखी बांधकर और मिठाई खिलाकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तो भाइयों ने भी उन्हें गिफ्ट दिया। हालांकि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते ज्यादातर लोग घर में ही रहे। ट्रेनों और रोडवेज बस में भी शहर से बाहर जाने वाले लोगों की संख्या कम रही। हालांकि प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए 24 घंटे निशुल्क बस सेवा की भी सुविधा दी थी।
सोमवार सुबह साढ़े सात से साढ़े नौ बजे तक भद्रा रही। उसके बाद बहनों ने सजधज कर थाली में राखी और मिठाई रखकर भाइयों का टीका करके राखी बांधकर उनके उज्जवल भविष्य की मंगलमय कामना की, इसके बाद उन्हें मिठाई खिलाई। भाइयों ने भी गिफ्ट देकर रक्षा का वचन दिया। कोरोना वायरस के संक्रमण से ज्यादातर बहनें दूसरे शहरों में राखी बांधने नहीं गईं। हालांकि प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए प्रदेश के शहरों में जाने के लिए निशुल्क रोडवेज बस सेवा की सुविधा दी हुई थी। जो बहनें अपने भाइयों के पास नहीं आ सकीं उन्होंने वीडियो कॉलिंग करके भाइयों से बात की। सामाजिक दूरी के चलते सेटेलाइट और पुराने रोडवेज बस अड्डे पर महिलाओं की ज्यादा संख्या नहीं रही। मानव सेवा क्लब की रचना सक्सेना, रश्मि उपाध्याय ने काशी वृद्धा आश्रम में प्रवासी वृद्ध लोगों के राखी बांधी। क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र बीनू सिन्हा और महासचिव अभय भटनागर ने उन्हें मिठाई, फल आदि चीजें दीं।
सावन के आखिरी सोमवार को भी मंदिरों में रहा सन्नाटा
सावन के आखिरी सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की संख्या कम ही रही। धोपेश्वरनाथ, त्रिवटीनाथ, अलखनाथ, वनखंडी नाथ, पशुपतिनाथ आदि मंदिरों में बहुत कम भक्त आए। हालांकि मंदिर के बाहर फूल और प्रसाद आदि की दुकानें भी सजीं, लेकिन प्रतिबंध होने के कारण लोगों ने खरीदारी नहीं की।