जरी कारोबारी हिकमत अली के मुताबिक, रक्षाबंधन पर इस साल अनुमानित 25 लाख रुपये का कारोबार होगा। बाजार में 30 रुपये से शुरू होकर तीन सौ रुपये तक की जरी की राखियां उपलब्ध हैं। इन राखियों की महंगी होने की वजह जरदोजी, कलाकृति, बुनाई, डायमंड वर्क, गोटे आदि का बारीकि से और मजबूत प्रयोग होता है। ताकि राखी देखने में आकर्षक लगें। रक्षाबंधन त्योहार से करीब माह भर पहले से ही ऑर्डर आने लगते हैं। इस दौरान बुनकरों को भी काफी काम मिल जाता है। बरेली से इंग्लैंड, अमेरिका, फ्रांस, दुबई में भी जरी की राखियों का निर्यात होता है।
वजन के हिसाब से है राखियों की कीमत
सोने की राखियों की कीमत यूं तो वजन के मुताबिक ही है, लेकिन कम से कम कीमत में एक ग्राम वजन के आसपास की राखियां सात से आठ हजार रुपये में उपलब्ध हैं। इन राखियों को रेशम की डोर में साधारण तरीके से पिरोया गया है। अगर आप अधिक वजन की राखियां देखती हैं तो इनकी कीमत वजन के हिसाब से तय की गई है। सोने की राखियों में 18 कैरेट में रोज गोल्ड के डिजाइन काफी बेहतर हैं। 22 कैरेट गोल्ड में भी इन्हें बेहद खुबसूरत तरीके से डिजाइन किया गया है।
कई रूपों में इस्तेमाल की जा सकती हैं सोने की राखियां
बाजार में सोने की इस तरह की राखियां भी मौजूद हैं जिन्हें आप कई रूपों में प्रयोग कर सकते हैं। इन राखियों को आप रक्षाबंधन पर राखी के रूप में बांध भी सकती हैं। रक्षाबंधन के बाद खोलकर पेंडेंट के रूप में भी पहन सकती हैं। इसके साथ ही ब्रेसलेट राखी भी बाजार में मौजूद हैं। इसमें रेशम की डोर की जगह सोने की हल्की चेन का प्रयोग किया गया है। सोने के तारों से इन राखियों पर सुंदर कारीगरी भी की गई है। इनके डिजाइन बेहद आकर्षक और सुलभ कीमत में उपलब्ध हैं।
सराफा कारोबारी पुनीत कुमार ने बताया कि सोने और चांदी की राखियां आकर्षक कीमत पर उपलब्ध हैं। पांच हजार रुपये में भी हल्की राखी ली जा सकती है। डिजाइनर राखी उस दिन के सोने के भाव के मुताबिक ही रहेगी। चांदी में भी अच्छी डिजाइन हैं।
सराफा कारोबारी संजीव अवतार अग्रवाल ने बताया कि ब्रेसलेट स्टाइल राखियां 15 हजार रुपये से शुरू हैं। कई चुनिंदा ग्राहकों ने कई गुना कीमत की राखियां भी बनवाई हैं। बिना आर्डर के भी राखियां उपलब्ध हैं।