बरेली। रक्षाबंधन से पहले रविवार को जिला प्रशासन की ओर से मिठाई और राखी की दुकानें खोलने की अनुमति देते ही बाजार में तैयारी शुरू हो गई। मिठाई कारोबारियों के कारखानों में देर रात तक मिठाइयां बनाने का सिलसिला जारी रहा। सुबह होते ही राखियों की दुकानें भी सजा लेने की तैयारी कर ली गई। शनिवार को मिठाई कारोबारियों ने डीएम से कंटेन्मेंट जोन में भी दुकानें खोलने की अनुमति देने की मांग की लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया।
हालांकि माना जा रहा है कि इस बार रक्षाबंधन पर लोगों को मनपसंद मिठाई मिलना कुछ मुश्किल होगा क्योंकि एक दिन मिनी लॉकडाउन में निकल जाने के बाद रविवार को आठ घंटे के लिए ही दुकानें खोलने की अनुमति प्रशासन ने दी है। इस वजह से कई जगह मिठाई बाजार सजना ही मुश्किल है। भीड़ इकट्ठी न हो, इसके लिए बड़े कारोबारी पैकिंग करा रहे हैं। इस वजह से भी मनपसंद मिठाई खरीदने के विकल्प कम होंगे। माना जा रहा है कि रविवार को दुकानों पर भीड़भाड़ का माहौल हो सकता है। दुकान खोलने के लिए सिर्फ आठ घंटे होने की वजह से दुकानदार भी इस बीच ज्यादा से ज्यादा कारोबार करने की कोशिश करेंगे।
राखी बाजार भी रविवार सुबह नौ से शाम पांच बजे तक सजेगा। कुछ जगह सीमित तादाद में अस्थाई स्टाल भी लगेंगे। प्रशासन के अनुमति न देने से ड्राई फ्रूट और गिफ्ट की दुकानें नहीं खुल पाएंगी। शनिवार को राजेश वाजपेयी समेत कई मिठाई कारोबारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम नीतीश कुमार से कंटेन्मेंट जोन में भी सीमित अवधि में मिठाई की दुकानें खोलने की अनुमति देने का आग्रह किया। वाजपेयी ने तर्क दिया कि सुभाषनगर अच्छी-खासी आबादी वाला इलाका है। कुछ लोग संक्रमित पाए गए हैं लेकिन पूरे इलाके में कारोबार प्रभावित हो रहा है। डीएम ने उन्हें एडीएम सिटी से मिलने को कह दिया लेकिन बात नहीं बनी।
कोरोना ने राखी कारोबार को पहुंचाया बड़ा नुकसान
राखी कारोबारियों के मुताबिक लोगों ने इस बार नाममात्र को ही राखियां खरीदीं। तमाम लोगों ने राखियों के घरेलू विकल्प ढूंढ लिए। रक्षाबंधन से पहले शनिवार को लॉकडाउन से भी इस कारोबार को काफी झटका लगा है जबकि हजारों परिवार इससे जुड़े हैं। लॉकडाउन के कारण इस बार दिल्ली से माल ही कम आया और जो आया वह भी खप नहीं पाया। जिले में तमाम परिवार घरों में राखी बनाकर बेचते हैं, वे भी इस बार मायूस हैं। जिला प्रशासन ने एक बाजार खोलने की अनुमति है जो नाकाफी है। कारोबारी राकेश पटवा के मुताबिक उनका लाखों रुपये का माल डंप हो गया है जोे खराब ही हो जाएगा।