बरेली। नगर निगम की कर्मचारी दीपा की हत्या करने वाले पति राजीव को इज्जतनगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित था। सोमवार को जेल भेजने से पहले राजीव ने कहा कि दीपा ने उसका भरोसा तोड़ा। वह बेवफा हो गई थी तो उसे रास्ते से हटाने के लिए हत्या कर दी।
15 जुलाई को इज्जतनगर क्षेत्र के सिद्धार्थनगर में किराये के मकान में रहने वाले माधोबाड़ी निवासी राजीव कुमार ने पत्नी दीपा की गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। मकान मालिक की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट लिखी गई। तभी से राजीव फरार था। एसएसपी ने राजीव पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इज्जतनगर पुलिस ने खजुरिया जुल्फिकार गांव से रविवार रात राजीव को गिरफ्तार कर लिया। राजीव ने पुलिस को बताया कि तीन साल पहले उसकी दोस्ती दीपा से हुई थी। 2020 में दीपा के पहले पति की मृत्यु हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद दीपा की नगर निगम में नौकरी लगी थी। 2021 से राजीव दीपा के साथ रह रहा था। एक साल पहले राजीव दीपा से रुपये लेकर काम करने मुंबई चला गया। दीपा से फोन पर बात करना बंद कर दिया। इसके बाद दीपा भोजीपुरा निवासी अरुण मैसी के साथ किराये पर रहने लगी।
राजीव ने पुलिस को बताया कि वह मुंबई से लौटा तो उसके कहने पर दीपा उसके साथ सिद्धार्थनगर में किराये के घर में दोबारा रहने लगी। बावजूद दीपा ने अरुण बात करना बंद नहीं किया। 14 जुलाई को दीपा अरुण से मिलकर आई और फोन पर उससे बात कर रही थी। अगले दिन सुबह इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। राजीव ने चारपाई का पाया मारकर दीपा को बेहोश कर दिया। बेहोशी में दीपा का गला काटकर फरार हो गया। पुलिस ने राजीव को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है। ब्यूरो