जीरा के दाम में भी आई कमी, आने वाले दिनों में महंगाई और घटने की उम्मीद
बरेली। दो साल तक महंगाई का रिकॉर्ड बनाने के बाद अब मखाना फिर पुराने भाव की ओर चल पड़ा है। प्रति किलो कीमत में करीब 300 रुपये की कमी आई है। जीरा के भाव भी घट गए हैं। हालांकि, त्योहारी सीजन के चलते किशमिश और नारियल की कीमत करीब दोगुनी हो गई है।
श्यामगंज के किराना कारोबारी हार्दिक अरोड़ा के मुताबिक, इस वर्ष जनवरी से जीरा के भाव में बढ़त शुरू हुई। जून तक भाव छह सौ रुपये प्रति किलो पहुंच गए। कीमतों में तेजी की वजह तत्कालीन परिस्थितियों में सीमा पर बढ़ता तनाव माना गया।
हालांकि, अब आपूर्ति सुचारू होने से भाव में करीब 45 फीसदी गिरावट आई है। उच्च गुणवत्ता का जीरा प्रति किलो जो छह सौ रुपये तक बिका था, अब उसके भाव 350 रुपये हैं। आगामी दिनों में दाम में और कमी आने की उम्मीद है।
वहीं, मेवा कारोबारी शिवम आनंद के मुताबिक बिहार से मखाना देश भर में भेजा जाता है। वर्ष 2021 से 2023 तक बाढ़ से मखाना की खेती प्रभावित थी। आपूर्ति न होने से कीमत बढ़ी। 14-16 सौ रुपये प्रति किलो भाव पहुंचा। जो अब गुणवत्ता अनुसार 850 से 1100 रुपये के बीच है।
कच्चे, गीले नारियल, किशमिश का स्टॉक हुआ खराब
मेवा कारोबारी मनोज मूलचंदानी के मुताबिक नारियल और किशमिश की आपूर्ति दक्षिण भारत से होती है। इस बार जो फसल आई, वह कच्ची थी और काफी नम थी। जिससे उनके खराब होने की आशंका से माल लौटा दिया गया। इससे कीमतों में उछाल आया। नारियल के भाव जो माह भर पूर्व 280-300 रुपये किलो थे, वह अब 430-450 रुपये किलो हैं। किशमिश के भाव भी 300 से 500 रुपये पहुंच गए हैं। ब्यूरो