बरेली। ताउते के असर के चलते बुधवार रात से बृहस्पतिवार तक हुई बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। इस बारिश ने ये भी बता दिया है कि नगर निगम शहर को जलभराव से बचाने के लिए कितना तैयार है। शहर के कई मोहल्लों में तो इतना पानी भर गया कि लोगों को निकलना तक दुश्वार हो गया। लोग जलभराव में बंद हुए वाहनों को खींचते दिखे।
किला रोड पर जलभराव के चलते भीषण जाम लग गया। हजियापुर मोहल्ले में करीब पांच घंटे तक जलभराव रहा। यहां के संपवेल के लिए डाली गई लाइन की मिट्टी जगह-जगह बैठ गई। इससे लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई। इसी तरह संजय नगर के संपवेल की बाउंड्री तेज पानी में बह गई और संपवेल का जनरेटर पानी में गिर गया। इसके अलावा शहर के सिकलापुर, सुभाषनगर, हजियापुर, पुराना शहर, सिटी स्टेशन रोड, रामपुर गार्डन, फर्नीचर मंडी समेत कई जगह जलभराव से लोगों को जूझना पड़ा। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने कहा कि सफाई का काम नियमित रूप से चल रहा है। सभी नालों की सफाई नहीं हो पाई है। कुछ जगह जलभराव हो गया था लेकिन जल्द ही सभी जगह से पानी उतर गया था।
किला रोड : वाहन बंद हुए तो खींचना पड़ा
निर्माणाधीन चौपुला फ्लाईओवर की सर्विस रोड पर लोगों का निकलना दुश्वार हो गया। यहां से जाम लगना शुरू हुआ तो सिटी स्टेशन के सामने से लेकर किला रोड तक लोगों को जूझना पड़ा। सिटी स्टेशन के सामने सीवर खोदाई के चलते एक लेन पर ही ट्रैफिक चल रहा है। यहां जलभराव होने से वाहन फंस गए। वाहनों में पानी जाने से वह बंद हो गए और लोग पैदल उन्हें खींचते नजर आए। कई लोग जलभराव में गिर भी पड़े। करीब डेढ़ घंटे तक लोग यहां समस्या से जूझते रहे। यहां करीब छह माह से चल रही सीवर खोदाई का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। दूसरी ओर खुदी हुई लेन के गीली मिट्टी में कई वाहन फंसकर बंद हो गए।
सेटेलाइट बस अड्डा : सड़क तक हो गया जलभराव
सेटेलाइट बस अड्डा की सर्विस रोड पिछले सप्ताह ही शुरू हुई है। यहां फ्लाईओवर भी पिछले सप्ताह ही शुरू किया गया है। इसके बाद भी बस अड्डे के सामने जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। यहां बारिश के दौरान सड़क तक जलभराव हो गया। लॉकडाउन के चलते सवारियों की संख्या कम है लेकिन यही स्थिति रही तो आने वाले समय में यहां लोगों को दिक्कतें होंगी।
ईसाईयों पुलिया से कंपनी बाग तक दलदल जैसी सड़क पर गिरे कई बाइक सवार
ईसाईयों पुलिया से कंपनी बाग तक सीवर लाइन का काम पिछले महीने ही पूरा हो चुका है लेकिन अभी तक यहां सड़क निर्माण नहीं किया गया है। बारिश में पूरी सड़क पर दलदल हो गया और लोग इसी दलदल से निकलने को मजबूर हुए। ऐसे में यहां कई बाइक सवार फिसलकर गिर गए। यहां मिट्टी बैठने से गड्ढे और गहरे हो गए।
हजियापुर : पांच घंटे तक जलभराव से पड़ा जूझना
हजियापुर में बारिश के बाद करीब पांच घंटे तक जलभराव रहा। लोग जलभराव से गुजरने को मजबूर रहे। दोनों मुख्य नाले ऊपर तक बह रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि सफाई ठीक से न होने से जलभराव की समस्या से लोगों को गुजरना पड़ा। यहां कुछ माह पहले ही संपवेल लगाकर उसकी लाइन डाली गई थी। लाइन पड़ने के बाद सिर्फ मिट्टी का भराव कर दिया गया। बृहस्पितवार को हुई बारिश में मिट्टी जगह-जगह से बैठ गई। यह भी लोगों के आवागमन में मुसीबत बनी रही।
जाटवपुरा : इंतजाम ऐसे कि लोगों को खुद ही हटाना पड़ा कूड़ा
जाटवपुरा में नाले ऊफनाकर चले। कई छोटे नालों में कूड़ा फंसा रहा और लोगों को खुद ही निकालना पड़ा। यहां पिछले सप्ताह नगर निगम ने सफाई के नाम पर खानापूरी कर दी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिया हटाकर सफाई नही की गई थी। बहकर आने वाला कूड़ा पुलिया के नीचे जमा हो गया और हर साल की तरह इस साल भी उन्हीं दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
संजय नगर : संपवेल की बाउंड्री ढही, जनरेटर पानी में गिरा
तेज हुई बारिश से संजय नगर में बने नगर निगम की संपवेल की बाउंड्री ढह गई। इससे वहां खड़ी दो बाइकें और निगम का जनरेटर तालाब में गिर गया। जलकल विभाग के जीएम राजेश यादव ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। इसके बाद कर्मियों को लगाकर जनरेटर बाहर निकलवाया गया। इसी तरह उदयपुर खास के बिजली उपकेंद्र के परिसर में पानी भर गया।
सिकलापुर : हर गली जलमग्न.. घुटनों तक भरा पानी
सिकलापुर वार्ड की लगभग हर गली जलमग्न हो गई। इस वार्ड ने भी निगम के सफाई के दावों की पोल खोल दी। सिकलापुर के फर्नीचर मंडी, पुराना ताड़ीखाना रोड, साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कालेज रोड के सामने घुटनों तक पानी भर गया। सड़कों पर खड़ी गाड़ियों में भी पानी भर गया। ऐसा हाल सुभाषनगर पुलिया का भी रहा। यहां भी करीब दो घंटे जलभराव की स्थिति बनी रही। जबकि यहां नगर निगम इसी सोमवार को सफाई करवाई थी।
नगर निगम कुछ काम करे तो न झेलनी पड़े मुसीबत
‘नाले की सफाई कभी ठीक से नहीं की जाती है। नगर निगम की टीम ऊपर दिखने वाला कूड़ा हटा लेती है मगर नीचे से सफाई नहीं करती। किस तरह से सफाई हुई यह बारिश के बाद उफनाकर चले नालों से समझा जा सकता है।’ - मिराज उर्फ गुड्डू, नई बस्ती।
‘नालों की पुलिया के नीचे कभी सफाई नहीं होती है। इसी सप्ताह सफाई की गई लेकिन पुलिया के नीचे से सफाई नहीं की गई। यही कारण रहा कि कूड़ा पुलिया के नीचे जाकर जमा हो गया और नाले उफनाकर चलने लगे।’ -असलम, नई बस्ती।
‘यहां तो हर साल जलभराव होता है। नगर निगम ने संपवेल लगवाया उसका कोई फायदा नहीं दिखाई दिया। जलभराव इस बार भी हुआ और कई घंटे तक सड़क पर पानी रहा।’ - दानिश, हजियापुर
‘यहां के लोगों के लिए जलभराव नया नहीं है। हम लोग निगम से कहते-कहते थक गए लेकिन गलियों में नालियों की सफाई नहीं हुई। बड़े नाले भी मोहल्ले के ठीक से साफ नहीं किए गए और गंदगी से लोग दिनभर जूझते रहे।’ - सिरातुल, हजियापुर
इज्जतनगर स्टेशन : कहने को मॉडल स्टेशन मगर हालात बदतर
बृहस्पतिवार दोपहर हुई बारिश से इज्जतगर स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर पानी भर गया। चूंकि इस समय ट्रेनें नहीं है, इसलिए कोई अफरा-तफरी नहीं हुई। यह स्टेशन इज्जतनगर रेल मंडल का माडल स्टेशन है। स्टेशन का जीर्णोद्धार होने के बाद भी बारिश में ऐसे ही झरना बहता है। हर बार मंडलीय अधिकारी मरम्मत की बात कहते हैं, लेकिन बारिश का मौसम निकलते ही भूल जाते हैं। गुुरुवार दोपहर में बरसा पानी स्टेशन अधीक्षक कक्ष, टीटी आफिस, वेटिंग रूम, वेटिंग हाल आदि में भर गया। जिसको निकालने में सफाई कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। संवाद