बाहर मौसम भले ही गर्म हो, लेकिन नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड पर इस समय छूट की बारिश हो रही है। कहीं 30 फीसदी छूट चल रही है तो कहीं 50 फीसदी। कहीं-कहीं तो 70 फीसदी छूट पर माल बेचा जा रहा है। उम्मीद है कि ग्राहक जुटेंगे, लेकिन जीएसटी से पहले कंपनियों और कारोबारियों का यह आइडिया अभी परवान नहीं चढ़ा है। दरअसल, इस समय कोई वेडिंग सीजन है। हालांकि ईद का भी बाजार में ज्यादा बिक्री को उछाल नहीं दे पाया। छूट के बावजूद भी कारोबारी परेशान हैं।
हर साल दो से तीन बार बड़ी कंपनियां और स्थानीय कारोबारी अपने यहां छूट देकर ग्राहकों की भीड़ जुटाते हैं, लेकिन इस बार सीजन से पहले ही छूट का तोहफा दे दिया गया। उधर, गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक जुलाई से लागू हो रहा है जिसकी वजह से भी कारोबारी परेशान हैं। नया माल खरीदा नहीं जा रहा है और एक जुलाई से पहले पुराने माल को किसी तरह बेचना है।
अयूब खां चौराहे पर इस समय तमाम ब्रांडेड स्टोर के बाहर 30 से 50 फीसदी का विज्ञापन लगा हुआ है। मॉल में भी अच्छी छूट दी जा रही है। डीडीपुरम् स्थित ग्लैमर फैमिली स्टोर के हरदीप सिंह बंटी बताते हैं कि उनके यहां 30 फीसदी की छूट चल रही है। जीएसटी की वजह से इसे जल्दी लाया गया है वैसे यह जुलाई में ही दी जाती है। उन्होंने बताया कि रिस्पांस भी छूट का नहीं मिल रहा है। व्यापारी डरा हुआ है बिक्री 50 फीसदी घट गई है।
मार्केट काफी डाउन है, इसलिए ऑफर काफी आ गए हैं। यह सीजन से 15 दिन पहले आया है। हालांकि बिक्री बहुत अच्छी नहीं है। बड़े और छोटे ब्रांड पर 50 फीसदी तक की छूट दी जा रही। 15 जुलाई तक यह छूट चलेगी। आगे त्योहार शुरू होंगे तो फ्रेश माल आएगा।
- मोहित गोयल, अशोका फोम
हमारे यहां 30 से 50 फीसदी छूट सभी कपड़ों पर है। बाकी कारोबारियों का तो पता नहीं, लेकिन मेरी दुकान शिफ्ट होने के चलते माल बेच रहा हूं। मनी मार्केट धीमा तो चल ही रहा है जीएसटी का भी असर पड़ा है।
- राधेश्याम जुनेजा, क्वालिटी आउटफिट
घबराने की जगह समझना जरूरी है
चार्टर्ड अकाउंटेंट अखिल रस्तोगी बताते हैं कि कपड़ा कारोबारी पूरी बात समझ नहीं पाए हैं। मौजूदा समय में रेडीमेड गारमेंट पर पांच फीसदी टैक्स है। 1000 रुपये से अधिक के कपड़े पर अब 12 फीसदी टैक्स हो जाएगा, लेकिन यह एक हजार रुपये से अधिक के माल पर होगा। दुकानदार 40 फीसदी का डिस्काउंट दे रहे हैं, जो जीएसटी से रिलेटेड नहीं है। इनको सिर्फ अपनी सेल करनी है। जो पुराना सामान इनके पास है और उस पर जो भी टैक्स पहले दिया गया है उसका जीएसटी लागू होने के बाद कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि कारोबारी को उसका क्रेडिट मिल जाएगा।