मौसम की पहले से सूचना मिलेगी तो रहेंगे सतर्क
प्रकृति में बदलाव से जलवायु परिवर्तन के साथ फसल चक्र पर असर पड़ रहा है। बेमौसम बारिश, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि से किसान को नुकसान होता है। मौसम की अगर पूर्व में जानकारी हो तो सतर्क रहेंगे। नुकसान कम होगा। मौसम विज्ञान केंद्र एवं वर्षामापी यंत्र ऑटोमेटिक होंगे। जो जानकारी सर्वर पर भेजेंगे। मौसम वैज्ञानिक के विश्लेषण के बाद एप के माध्यम से किसानों को सूचना मिलेगी। यहां प्रति घंटे की मौसम, नमी आदि की पूरी जानकारी अपडेट होती रहेगी।
बारिश के बाद छंटे बादल तीन डिग्री चढ़ा दिन का पारा
दो दिन पूर्व देर रात हुई झमाझम बारिश से लुढ़का पारा अब धूप से फिर चढ़ने लगा है। रविवार को अधिकतम तापमान तीन डिग्री बढ़त के साथ 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने पांच दिन तक मौसम सामान्य बने रहने का अनुमान जताया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने से बादल छंट रहे हैं।