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जंक्शन पर तड़पकर मर गया बीमार, नहीं पहुंचे डॉक्टर

Fri, 08 May 2015 01:00 AM IST
बरेली
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रेलवे डाक्टरों की लापरवाही ने जंक्शन पर एक बुजुर्ग की जान ले ली। वाशिंग एप्रेन पर धुलाई के लिए खड़ी ट्रेन में जब उन्हें वाशिंग स्टाफ ने देखा तो उनकी सांसें चल रही थीं और कराह रहे थे। सूचना के बावजूद डॉक्टर यहां करीब साढ़े तीन घंटे बाद पहुंचे तबतक बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी। वृद्ध की शिनाख्त नहीं हो सकी है। यह पहला मौका नहीं है जब डाक्टरों की अनदेखी से मरीज की मौत हुई है।
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बृहस्पतिवार सुबह बरेली जंक्शन आने के बाद आगरा पैसेंजर ट्रेन संख्या 54461 पौने ग्यारह बजे धुलाई के लिए वाशिंग एप्रेन पर पहुंची। यहां स्टाफ ने कोच चेक किए तो कोच संख्या 12565 में एक बुजुर्ग तड़प रहे थे । स्टाफ ने इसकी सूचना स्टेशन कंट्रोल रूम और जीआरपी को दी। पौने बारह बजे जीआरपी का स्टाफ आया तो वृद्ध को ट्रेन से बाहर निकाला गया। उनकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी। स्टाफ ने कुछ पूछना चाहा लेकिन वह कुछ नहीं बोल सके। डॉक्टर नहीं पहुंचे तो दोबारा से वाशिंग स्टाफ ने रेलवे अधिकारियों को सूचना दी। करीब सवा दो बजे रेलवे अस्पताल के डॉ. वेदप्रकाश मौके पर पहुंचे तो लेकिन तबतक बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी। मौके पर जमा भीड़ कानाफूसी करती रही कि अगर यही डाक्टर वक्त पर आ गए होते तो जान बच सकती थी। जीआरपी एसआई रोहताश सिंह ने शव का पंचनामा भरा। मृतक की जेब में न तो टिकट निकला और न ही ऐसी कोई चीज जिससे उसकी शिनाख्त हो पाती। साठ वर्षीय मृतक के शरीर पर क्रीम चेकदार शर्ट, लाल बनियान और नीली जींस थी। उसके बांये हाथ की छोटी अंगुली में पीले रंग की पन्नी बंधी थी।
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विभागीय कार्य से बाहर थे, घटना की जानकारी नहीं है। शुक्रवार को मामले की जांच कराएंग- आरबी सक्सेना, स्टेशन अधीक्षक

 स्टाफ को 11.25 बजे सूचना मिली और 11.45 पर स्टाफ पहुंच गया था-  चंद्रशेखर गुप्ता, जीआरपी थाना प्रभारी
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