आर्मी भर्ती में अगली बार से युवा सीधे मैदान में आकर नहीं दौड़ेंगे बल्कि उनको पहले आनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद उन्हें आनलाइन ही मिलने वाले प्रवेशपत्र को लेकर भर्ती स्थल पर आना होगा, जहां दौड़ में चयन के बाद उनको बायोमैट्रिक पर सभी 10 उंगलियों के निशान देने होंगे ताकि भर्ती के अगले सभी चरण में उनकी जगह कोई और शामिल नहीं हो सके।
भर्ती प्रक्रिया में होने वाले इस बदलाव की जानकारी बृहस्पतिवार को यहां उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड रीजन में सेना भर्ती के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ब्रिगेडियर संदीप सहगल ने दी। उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि पारदर्शिता के लिए सेना भर्ती में अगले साल से व्यापक परिवर्तन किए जा रहे हैं। यह परिवर्तन तकनीक आधारित होगा, ताकि किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी नहीं कर पाए। अभी जनपदवार कराई जाने वाली भर्ती दौड़ में एक ही दिन में हजारों अभ्यर्थियों के उमड़ने से तमाम बंदोबस्त कराने पड़ते हैं, इससे होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए ही अन्य भर्तियों की तरह पहले अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद हर दिन एक निर्धारित अवधि में अभ्यर्थियों को भर्ती के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसी और के स्थान पर कोई और भर्ती में शामिल नहीं हो पाए इसके लिए बायोमैट्रिक का सहारा लिया जाएगा। फिलहाल अंगूठे का निशान लिया जाता है लेकिन अगली भर्ती से सभी 10 उंगलियों और आंख के रेटिना की छाप ली जाएगी ताकि गड़बड़ी की संभावनाएं न रहें। ब्रिगेडियर ने कहा कि दलालों की सेना भर्ती में कोई भूमिका नहीं है। यह बात गलत है कि उनकी अफसरों से कोई साठगांठ होती है, क्योंकि अब जिस तरह से चरणबद्ध ढंग से भर्ती कराई जा रही है, उसमें कोई अफसर भी चाहे तो किसी को भर्ती नहीं करा सकता है। इसके लिए भर्ती के हर चरण में कंप्यूटर पर चढ़ने वाले रिजल्ट को पासवर्ड के जरिए क्लोज कर दिया जाता है और जब भी उसे खोला जाएगा तो साफ्टवेयर पर वह प्रदर्शित हो जाएगा। इस प्रक्रिया को और भी बेहतर बनाने के लिए काम हो रहा है।
इंसेट...
दूसरे देशों के साथ हो रहे साझा प्रशिक्षण
ब्रिगेडियर संदीप सहगल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत भारतीय सेना के जवानों के दूसरे देशों के जवानों के साथ ज्वाइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम लगातार हो रहे हैं। यूएस, यूके, चाइना आदि देश के साथ ट्रेनिंग कराई जा रही है। हाल ही में सूडान में ट्रेनिंग हुई थी। उन्होंने कहा कि हमारे हथियार आधुनिक हैं और सेना में भर्ती के लिए सिख, गोरखा युवाओं को प्रेरित किया जा रहा है।
फर्जीबाड़ा की दुबारा कराएंगे जांच
सेना भर्ती के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ब्रिगेडियर संदीप सहगल ने कहा कि पिछले साल अगस्त में बरेली में हुई सेना भर्ती में फर्जीबाड़े वाले मामले को आर्मी दुबारा अपने स्तर से जांच करेगी ताकि इसमें शामिल बाकी बचे लोगों तक भी हाथ पहुंच सके। उन्होंने माना कि कार्रवाई में विलंब होता है लेकिन कहा कि जांच की प्रक्रिया को त्वरित करने के लिए काम किया जाएगा।