रेलवे प्रबंधन अपने कर्मचारियों को दो बच्चों की पढ़ाई के लिए 54000 रुपये सालना देगा। कर्मचारियों को एक अप्रैल से 10 मई के बीच आवेदन करना होगा। उन्हें जुलाई के वेतन के साथ यह रकम मिल जाएगी। रेलवे यूनियन पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर संघ ने इसे रेलवे का ऐतिहासिक फैसला बताया है।
एनई रेलवे मजदूर संघ की वर्कशाप गेट पर हुई सभा में महामंत्री जेएस भदौरिया ने कहा कि बोनस एरियर की तरह श्रमिक संघ ने एक और ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने रेल कर्मचरियों को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूर संघ ने बच्चों की पढ़ाई की फीस देने की सिफारिश सातवें वेतन आयोग से की थी। इसे रेलवे ने 12 फरवरी से लागू कर दिया है। रेल कर्मचारियों को कॉपी, किताबों, ड्रेस आदि का कोई ब्योरा नहीं देना पड़ेगा। उन्हें बच्चे के स्कूल का प्रमाण पत्र देना होगा। फीस के लिए आवेदन अप्रैल से मई तक किए जाएंगे। फीस की सुविधा कर्मचारी के दो बच्चों को ही मिलेगी। प्रत्येक बच्चे को 27000 हजार रुपये सालाना दिया जाएगा। सभा में मनोज शर्मा, अलखराय, जितेंद्र सिंह, विवेक शर्मा, धनकुमार, रामानुज यादव, रवींद्र कुमार, पवन सिंह, अरविंद भदौरिया, वीरेंद्र पाल, प्रवीण, देवानंद, चंदन सिंह, रोहित, रुद्र कुमार आदि ने विचार व्यक्त किए।