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लाल निशान लगाएगा रेलवे लोग खुद ही हटाएंगे कब्जे

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अवैध कब्जों पर निशान लगाती टीम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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ईंट पजाया में बृहस्पतिवार को नहीं चला अवैध कब्जे हटाने का अभियान
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आरपीएफ विजिलेंस की रिपोर्ट, बिना पीएसी लिए नहीं हटेगा अतिक्रमण

बरेली। ईंट पजाया में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है। इलाके के मुअज्जिज लोगों के कहने पर रेलवे ने यहां अवैध कब्जों को चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया है ताकि लोग खुद अपना अतिक्रमण तोड़कर हटा लें। बृहस्पतिवार को मॉडल टाउन की तरफ एक दिशा में अवैध कब्जों पर लाल निशान लगा दिए गए। उधर, आरपीएफ विजिलेंस की रिपोर्ट के आधार पर बगैर पीएसी की मौजूदगी के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे न बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है।
रेलवे के इंजीनियरिंग अनुभाग ने बृहस्पतिवार को अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया। दरअसल बुधवार को सुरजीत सिंह के साथ शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार से मिलने पहुंचे मॉडल टाउन के लोगों ने आग्रह किया कि अगर अवैध कब्जों को चिन्हित कर दिया जाए तो लोग खुद ही अपने कब्जे तोड़ लेंगे। सुरजीत सिंह ने बताया कि डीआरएम ने अवैध कब्जों को चिन्हित करने का आश्वासन दिया है। बृहस्पतिवार को आईडब्ल्यू रोशन लाल ने आरपीएफ की मौजूदगी में लाल निशान लगवाए। मॉडल टाउन की एक तरफ निशान लगाने का काम पूरा हो गया। शुक्रवार को प्रेमनगर और गांधी नगर की ओर निशान लगाए जाएंगे। अतिक्रमण की जद में टॉफी फैक्ट्री की दीवार भी आ गई है। लोगों ने अपने कब्जे खुद ही तोड़ने शुरू कर दिए है। सुबह रेलवे की टीम पहुंचने से पहले ही लोगों ने निजी लेबर बुलाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। रेलवे ने मॉडल टाउन में रामायण मंदिर परिसर में स्थित शिव मंदिर पर लाल निशान नहीं लगाए हैं। इंजीनियर रोशन लाल ने बताया कि मंदिर की बाउंड्री अतिक्रमण नहीं है लिहाजा उसे नहीं हटाया जाएगा।

अभियान का आज अंतिम दिन

रेलवे का अभियान शुक्रवार को समाप्त हो जाएगा। इज्जतनगर रेल मंडल के इंजीनियरिंग अनुभाग ने चार से आठ जनवरी तक पांच दिन अतिक्रमण हटाने के लिए फोर्स मांगी थी। चार जनवरी को तैयारी न होने के कारण अभियान चल नहीं सका। एटीईएन रोशन लाल ने बताया कि अब फिर अभियान की प्रक्रिया शुरू होगी जिसमें समय लगेगा। हालांकि सभी अवैध कब्जे हटेंगे।

प्रेमनगर और गांधीनगर के रेलवे की जमीन पर बने हैं तमाम मकान

रेलवे ने फिलहाल 85 मीटर के दायरे में अवैध कब्जे हटा है। पटरी में घुमाव आने पर यह लंबाई कम हो जाती है लेकिन प्रेमनगर से गांधीनगर तक रेलवे की जमीन का दायरा करीब दो सौ मीटर का है। ऐसे में इस इलाके में तमाम मकानों पर जेसीबी चलने की आशंका है। यह शुक्रवार को पता लगेगा कि कितने लोगों ने अवैध कब्जे करके यहां मकान और दुकान बनाई हैं।
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लोगों ने खुद अपने कब्जे तोड़ने शुरू कर दिए हैं। ऐसा सहयोग मिलता रहेगा तो अभियान चलाने की जरूरत नहीं होगी। रेलवे की जमीन पर कोई अवैध कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा। - रोशन लाल, सहायक मंडल इंजीनियर, इज्जतनगर रेल मंडल

बिना नक्शे के पहुंचे तो लोगों ने लौटाया

मॉडल टाउन के पास पहुंचने पर रेलवे टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। टीम बिना नक्शे के पहुंची थी। सुरजीत सिंह समेत कई लोगों ने कहा कि लेखपाल ही नापजोख करके बता पाएगा कि रेलवे की हद कहां तक है। नक्शा न मौजूद होने पर टीम लौट गई। सुरजीत सिंह ने बताया कि कल टीम लेखपाल और नक्शे के साथ नापजोख करके अवैध कब्जे चिन्हित करेगी।
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