रेलमंत्री सुरेश प्रभु शुक्रवार को नवनिर्मित पीलीभीत-मझोला ब्राडगेज ट्रैक का लोकार्पण और ट्रेन संचालन का शुभारंभ करेंगे। नई दिल्ली के रेल भवन में होने वाली वीडियो कांफ्रेंस के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी, रेल राज्यमत्री एवं संचार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा, रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन भी मौजूद रहेंगे।
जिलेवासियों की बड़ी रेल लाइन को लेकर की जा रही बहुप्रतीक्षित मांग शुक्रवार को पूरी होने जा रही है। एक अप्रैल से यात्री पीलीभीत से मझोला तक बड़ी रेल लाइन का सफर तय कर सकेंगे। पीलीभीत-मझोला रेल मार्ग पर गत वर्ष जून में ब्लाक लेने के बाद ब्राडगेज कार्य शुरू किए गए थे। ब्राडगेज कार्य पूरे होने के बाद 21 मार्च को पूर्वोत्तर परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त प्रमोक कुमार आचार्य द्वारा नवनिर्मित ब्राडगेज ट्रैक का सीआरएस निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद नवनिर्मित ब्राडगेज ट्रैक पर ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दे दी गई।
रेलमंत्री 2.45 बजे दिखाएंगे हरी झंडी
केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु शुक्रवार दोपहर 2.45 बजे को दिल्ली के रेल भवन के कांफ्रेेंस हाल से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पीलीभीत-मझोला ब्राडगेज ट्रैक का लोकार्पण और ट्रेन संख्या 55377 को हरी झंडी दिखाकर ट्रेन संचालन का शुभारंभ करेंगे।
यह ट्रेनें दौड़ेगी पीलीभीत-मझोला-पीलीभीत तक
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पीलीभीत से मझोला तक जाने वाली ट्रेन
क्रमांक ट्रेन संख्या समय
1- 55371 07:15
2- 55373 10:30
3- 55375 17:15
मझोला से पीलीभीत आने वाले ट्रेन
1- 55372 08:30
2- 55374 12:40
3- 55376 18:45
टनकपुर तक बड़ी रेल लाइन का पहला ट्रायल सफल
काली कुमाऊं के अंतिम रेल हेड के लोगों को जल्द ही बड़ी रेल लाइन का तोहफा मिलने वाला है। बृहस्पतिवार को रेलवे ने टनकपुर तक रेल का इंजन दौड़ाकर सफल ट्रायल कर लिया। रेल के इंजन की सीटी बजते ही लोगों का हुजूम रेलवे स्टेशन की ओर दौड़ पड़ा।
टनकपुर-पीलीभीत के बीच ट्रेनों का संचालन गत वर्ष 16 जून से बंद है। 62 किमी लंबे इस रूट पर टनकपुर तक लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन मझोला से टनकपुर के बीच 38 किमी लंबे रेल ट्रैक पर अभी सिग्नल सिस्टम समेत कई कार्य अधूरे हैं। स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि मझोला से टनकपुर के बीच बिछाई गई रेल लाइन के पहले ट्रायल के लिए इज्जत नगर से रेलवे के अधिशासी अभियंता मकसूद अली इज्जत नगर से रेल का इंजन लेकर टनकपुर पहुंचे। पांच किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन शाम पांच बजकर चालीस मिनट पर टनकपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा। उन्होंने बताया कि पहले सफल ट्रायल के बाद अब टीटीएम मशीन से ट्रायल होगा और फिर मालगाड़ी से निर्माण सामग्री यहां लाई जाएगी। धीरे-धीरे ट्रैक ट्रेनों की स्पीड बढ़ाकर एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।