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कई ट्रेनों का रूट बदलकर लालफाटक पर अंडरपास के लिए रखे सेगमेंट बॉक्स

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बरेली। लाल फ ाटक क्रॉसिंग से गुजरने वाली बरेली-शाहजहांपुर मेन रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास बनाने के लिए सेगमेंट बॉक्स रखने का काम रविवार को पूरा हो गया। सुबह दस से शाम पांच बजे तक तक इस रेल मार्ग पर ब्लॉक रहा जिसकी वजह से लखनऊ-दिल्ली के बीच चलने वाली कई ट्रेनों को डायवर्ट करने के साथ शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजनेट करना पड़ा। सड़क मार्ग पर भी लोगों ने भरपूर दिक्कतें झेलीं।
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लाल फाटक क्रॉसिंग पर रेलवे की टीम ने सुबह दस बजे रेलवे पटरी हटाकर जेसीबी से गहरी खोदाई शुरू की। खोदाई के बाद आनन-फानन रेलवे ट्रैक के नीचे सेगमेंट बॉक्स रखे गए। दोपहर करीब तीन बजे तक यह काम पूरा कर लिया गया। इसके बाद दोबारा रेलवे लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया। पांच बजे तक रेलवे इंजीनियरों ने लाइन बिछाने का काम भी पूरा कर लिया। इसके बाद लक्ष्य के मुताबिक ट्रेनों का आवागमन शुरू कर दिया गया।
सात घंटे के ब्लॉक के दौरान सड़क मार्ग पर निकले लोगों ने भी भारी दिक्कतें झेलीं। कैंट की ओर से आए आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने सवाल पैदा हो गया कि वे घर तक कैसे पहुंचें। पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया। तमाम लोगों ने पैदल ही सड़क नापी और फिर घर तक पहुंचे।
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ओवरब्रिज पर 20 अप्रैल तक रखे जाएंगे गर्डर
ओवरब्रिज पर गर्डर लांच करने की भी तैयारियां चल रही है। प्रशासन की ओर से सड़क मार्ग पर 20 अप्रैल तक का ब्लॉक दिया गया है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि गर्डर लांच करने के लिए सड़क पर ब्लॉक और बढ़ाया जा सकता है। रेलवे इंजीनियरों की निगरानी में गर्डर लांच करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। फिलहाल उन्हें असेंबल किया जा रहा है।
ये ट्रेनें रहीं प्रभावित
20506 नई दिल्ली-डिबरूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, 12204 अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस, 15076 टनकपुर-शक्तिनगर एक्सप्रेस, 12588 जम्मूतवी-गोरखपुर एक्सप्रेस, 15073 सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस, 12369 कुंभ एक्सप्रेस, 15909 लालगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, 13152 जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस, 15128 नई दिल्ली-बनारस एक्सप्रेस।
बाइक तक नहीं निकलने दी तो मायूस लौटे लोग
कांधरपुर में रहते हैं। कैंट के चर्च में पाम संडे की प्रेयर में शामिल होने जाना था। यहां आया तो देखा कि बाइक निकलने भर की जगह नहीं छोड़ी है। बाइक को घर खड़ा किया और फिर यहां से पैदल गया। इससे देरी भी हो गई। कम से कम बाइक निकलने भर की जगह तो छोड़नी चाहिए थी। - विनोद, कांधरपुर
कैंट जा रही थी लेकिन न दोपहिया वाहन निकलने की जगह है और न यहां से टेंपो मिल रहे हैं। मजबूरी में पैदल ही जाना पड़ रहा है। अब आगे जाकर ही कुछ टेंपो वगैरह मिल सकता है। इस तरह ब्लॉक करना गलत है। किसी को इमरजेंसी हो तो वह फिर यहां से निकल ही नहीं पाएगा। - मानवी, कांधरपुर
जरूरी काम से सिविल लाइंस गई थी। सुबह जाते समय ब्लॉक था तो बदायूं रोड पर दोनों क्रासिंग पार करके पैदल आना पड़ा। कैंट से टेंपो मिले। सिविल लाइंस से भी टेंपो सिर्फ कैंट तक मिला। इसके बाद पैदल जाना पड़ रहा है। छोटे वाहनों को निकलने की गुंजाइश देनी चाहिए। - गीतिका, लाल फाटक
मैं कलक्ट्रेट में काम करता हूं। यहां ब्लॉक के बारे में पता नहीं था। गांव की तरफ से आ गया मगर अब यहां कैंट की तरफ आकर फंस गया हूं। कहीं से कोई रास्ता नहीं है। पुलिस ने निवेदन भी किया कि बैरीकैड हटाकर बाइक निकलने भर की जगह दे दें लेकिन बाइक भी नहीं निकलने दे रहे हैं। - मुजीन
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