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कश्मीरी भूल जाओ.. फिलहाल चिली-अमेरिका का अखरोट-बादाम खाओ

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अनुच्छेद 370 खत्म होने के साथ जम्मू-बारामूला के बीच ट्रेनों का संचालन बंद होने से कश्मीरी ड्राई फ्रूट्स की आवक भी रुकी

बरेली। कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद से बाजार में कश्मीरी अखरोट-बादाम और दूसरी सूखी मेवा गायब है। लोग अखरोट-बादाम खा तो रहे हैं लेकिन चिली और अमेरिका से आयातित, जिनकी कीमत और स्वाद दोनों में अंतर है। दरअसल अनुच्छेद 370 खत्म होने के साथ महीने भर से ज्यादा समय से जम्मू-बारामूला रूट पर ट्रेनों का संचालन भी बंद हो पड़ा है जिसकी वजह से कश्मीर से कोई पार्सल भी नहीं आ रहा है। मेवा कारोबारियों ने इसके बाद चिली और अमेरिका से आयातित अखरोट-बादाम मंगाना शुरू कर दिया। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में डाक और मोबाइल सेवाएं तो शुरू हो गईं लेकिन ड्राई फ्रूट्स के पार्सल अब भी नहीं आ रहे हैं।
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जम्मू-बारामूला के बीच 56 किलोमीटर की दूरी है और इस रेल रूट पर रोज पांच ट्रेनें आती-जाती हैं। इन्हीं ट्रेनों में ड्राई फ्रूट्स के पार्सल बारामूला से जम्मू तक आते हैं और फिर पूरे देश में पहुंचते हैं। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया तो ये ट्रेनें भी बंद हो गईं। नतीजा यह हुआ कि कश्मीर से ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई भी बंद हो गई। बरेली में कश्मीरी ड्राई फ्रूट्स की आवक बंद हुई तो मेवा कारोबारियों से आयातित ड्राई फ्रूट्स मंगाना शुरू कर दिया। कारोबारियों के मुताबिक पिछले करीब एक महीने से बाजार में चिली और अमेरिका से आने वाला अखरोट-बादाम ही उपलब्ध है। कश्मीरी ड्राई फ्रूट्स की आवक एकदम बंद पड़ी हुई है। यह अलग बात है कि ज्यादातर लोगों को विदेशी और कश्मीरी अखरोट-बादाम का फर्क पता नहीं है इसलिए इसके कारोबार भी कोई खास फर्क नहीं पड़ा है।
जंक्शन पर हर महीने आते थे एक हजार से ज्यादा कश्मीरी ड्राई फ्रूट के कट्टे
जंक्शन के पार्सल घर के आंकड़ों के मुताबिक कश्मीर से आमतौर पर हर महीने एक हजार से ज्यादा कट्टों में सिर्फ अखरोट और बादाम बरेली आते थे। करीब डेढ़ महीने से इनकी आवक पूरी तरह बंद है। जंक्शन पर लुधियाना और जालंधर से हौजरी, जगाधरी से बर्तन, चंडीगढ़ से सब्जी आना भी बंद हो गई है। हालांकि अब कश्मीर में डाक और मोबाइल सेवाओं के बहाल होने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही रद्द की गई ट्रेनें भी चलनी शुरू हो जाएंगी और वहां से ड्राई फ्रूट भी बरेली आने शुरू हो जाएंगे।
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स्वाद में ज्यादा और कीमत में मामूली फर्क
कारोबारियों के मुताबिक इन दिनों बाजार में चिली और अमेरिका आया अखरोट 450 और बादाम आठ सौ रुपये किलो बिक रहा है। कश्मीरी अखरोट और बादाम की तुलना में यह कीमत थोड़ी सी ज्यादा है। हालांकि कश्मीरी और अमेरिकी अखरोट-बादाम के स्वाद में काफी फर्क है। मगर चूंकि ज्यादातर लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है लिहाजा वे इस पर गौर पर भी नहीं करते। जंक्शन के चीफ पार्सल सुपरवाइजर एएन झा ने बताया कि पार्सल मेें जंक्शन से चलने या दस मिनट से अधिक रुकने वाली ट्रेनों से ही पार्सल की आवक है। ऐसे में पार्सल अनुभाग के व्यापार पर खासा असर पड़ा है।
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