बरेली। केन्द्रीय श्रम संगठन, स्वतंत्र फेडरेशन ने केन्द्र सरकार की मजदूर व जन विरोधी नीतियों के खिलाफ शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाया। बरेली ट्रेड यूनियन फेडरेशन के बैनर तले अय्यूब खां चौराहा स्थित यूनियन बैंक पर प्रदर्शन शुरू हुआ। महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने मोदी सरकार की ओर से रेलवे, बिजली, स्टील समेत सार्वजनिक क्षेत्र की ईकाईयों का निजीकरण करने, श्रम कानूनों में मालिकों के पक्ष में बदलाव के एजेेंडे को घातक कदम बताया।
उपमहामंत्री गीता शांत ने सरकार ने लोकसभा में वेतन संहिता अधिनियम-2019, कार्यस्थल सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2019 को कर्मचारी और श्रमिक विरोधी करार दिया। क्रांतिकारी लोक अधिकार संग़ठन के ललित चौधरी ने बताया कि पूर्व के न्यूनतम वेतन अधिनियम, बोनस अधिनियम, वेतन भुगतान अधिनियम के उल्लंघन करने पर मालिकों पर आर्थिक दंड और जेल का प्रावधान था। नए अधिनियिम में सिर्फ आर्थिक दंड का प्रावधान है। इस दौरान यूपीबीयू के जिलामंत्री दिनेश सकसेना, असंगठित क्षेत्र के हरीश पटेल, एटक के राज्य सचिव राजेश जौहरी, बिजली विभाग के अमित सिंह चौधरी ने अपने विचार रखे। इस दौरान विराट कनौजिया, फैजल, अरुण कुमार, चरण सिंह यादव, राकेश बाजपेयी, ओपी शर्मा, अंचल अहेरी व अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।