बरेली। रेलवे इज्जतनगर और सिटी स्टेशन के बीच सिंगल लाइन से ही काम चलाएगा। इलेक्ट्रिकल अनुभाग ने जो बिजली पोल लगाए हैं, उसमें लाइन बिछाने की जगह ही नहीं बची है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि लंबी दूरी की ट्रेनें चलने पर सिटी स्टेशन से इज्जतनगर आने-जाने में काफी वक्त लग सकता है। साल के अंत तक तार लगाकर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाकर सीआरएस को दिखाई जाएगी।
इंजीनियरिंग अनुभाग के मानकों के मुताबिक, दो लाइनों के बीच की दूरी ढाई मीटर है। ठेकेदार ने इज्जतनगर से सिटी स्टेशन तक पटरी से डेढ़ मीटर की दूरी पर बिजली के पोल लगाए हैं। इन पोलों पर ओएचई लाइन खिंचेगी। सूत्रों का कहना है कि डबल लाइन बिछाने का प्रावधान होता तो पोलों को अलखनाथ मंदिर की साइड में लगाया जाना चाहिए था, जबकि पोल सड़क की साइड लगाए गए हैं। ऐसे में केवल डेढ़ मीटर की दूरी पर पोल लगने से डबल लाइन बिछने की संभावना क्षीण हो गई है।
रेल के जानकारों का कहना है कि ओएचई लाइन बिछने के बाद दूसरी लाइन डालने के लिए पोलों को फिर से हटाना पड़ेगा, ऐसे में खर्चा अधिक होगा। गौरतलब है कि रेलवे जल्द ही डॉलीगंज से सीतापुर, मैलानी होते हुए कासगंज तक ओएचई लाइन डालने जा रहा है। चार चरणों में होने वाले इस प्रोजेक्ट पर करीब चार अरब रुपये खर्च होंगे। वर्ष 2020 के अंत तक बरेली-कासगंज रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ना शुरू हो जाएंगी। इज्जतनगर के रोड नंबर तीन पर स्थित रेल विकास निगम लिमिटेड (आरएलडीए) के आफिस से गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
कासगंज से बरेली सिटी स्टेशन तक पोल लग चुके हैं। जहां तक डबल लाइन बिछने का सवाल है। उस बजट में पोल शिफ्टिंग का भी बजट होता है। लंबे समय तक डबल लाइन बिछने की संभावना नहीं है।
- कृष्ण मोहन विश्वकर्मा, सहायक प्रबंधक, रेल विकास निगम लिमिटेड