किसान बोले- ताकत के दम पर सरकार दबाना चाहती है आंदोलन
बरेली। किसानों के रेल रोको आंदोलन के एलान के बाद गुरुवार को जंक्शन और उसके आसपास के क्षेत्र में फोर्स तैनात कर दी गई। जीआरपी-आरपीएफ के अलावा पुलिस और पीएसी जवानों को भी तैनात किया गया था। इतनी फोर्स देखकर करीब 120 यात्रियों ने अपनी यात्रा टाल दी और रिजर्वेशन रद्द करा दिए। उधर, पुलिस और पीएसी ने प्रदर्शनकारी किसानों को दामोदर स्वरूप पार्क के आगे नहीं बढ़ने दिया तो किसानों ने नारेबाजी की। पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। गुस्साए किसानों ने कहा कि सरकार ताकत के बल पर किसानों का आंदोलन दबाना चाहती है, लेकिन किसान ऐसा नहीं होने देंगे।
किसानों का देशव्यापी रेल रोको आंदोलन के चलते बुधवार रात से जंक्शन पर आरपीएफ और जीआरपी अलर्ट हो गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन कुमार सिसौदिया और जीआरपी इंस्पेक्टर विजय कुमार राणा ने जंक्शन की सेकेंड एंट्री, मेन गेट और प्लेटफार्म पर घुसने वाले सभी प्वाइंट पर फोर्स तैनात कर दी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दामोदर स्वरूप पार्क में सभा के बाद किसान एकता संघ के लोगों को यात्रियों को चाय पिलानी थी। दोपहर साढ़े 12 बजे पार्क से किसान एकता संघ के मंडल अध्यक्ष डॉ. रवि नागर, लालाराम, लखपत सिंह, सोहन पाल, बलवीर, जीतू यादव, विकास प्रजापति, बहोदरन लाल, नरेश सिंह, पद्मावती, मधु मिश्रा, सुरेंद्र काका, रवि शंकर, विवेक नागर, धनेश्वर सिंह आदि जंक्शन के लिए निकले मगर पार्क के बाहर सीओ सिटी दिलीप सिंह, शहर कोतवाल गीतेश कपिल फोर्स और पीएसी के साथ तैनात थे। फोर्स को देखकर डॉ. नागर पदाधिकारियों के साथ जंक्शन की चले मगर यहां पीएसी ने रास्ता रोक लिया। इस दौरान किसानों की पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई। प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच उन्होंने कहा कि सरकार लाठी के दम पर आंदोलन को दबाना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं हो सकेगा। केंद्र सरकार को किसान विरोधी तीनों कानून वापस लेने होंगे। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कोतवाल गीतेश कपिल को दिया। वहीं पीतांबरपुर और बिलपुर स्टेशन पर फोर्स अलर्ट रही।
जंक्शन पर छाया रहा सन्नाटा, श्रमजीवी एक घंटा लेट
किसान आंदोलन से सरकार के अलावा यात्री भी अलर्ट थे। यात्रियों ने महीनों पहले कराए रिजर्वेशन रद्द करा कर यात्रा कैंसल कर दी। सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ से दिल्ली की ट्रेनों में यात्रियों ने रिजर्वेशन रद्द कराकर रिफंड ले लिया। किसान आंदोलन के चलते जंक्शन पर सन्नाटा छाया रहा। त्रिवेणी एक्सप्रेस में भी यात्री नहीं दिखे। शाम को जंक्शन पहुंची श्रमजीवी एक्सप्रेस एक घंटा देरी से जंक्शन पहुंची।