बदायूं। अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड कंपनी के निदेशकों के साथ ही एजेंटों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हो रहीं हैं। पुलिस की दो टीमों ने रविवार को भी उनकी तलाश में कई जिलों में दबिश दी, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे।
शहर के मध्यम वर्गीय लोगों ने बच्चों की पढ़ाई, शादी आदि के लिए अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड में करोड़ों रुपये जमा किए थे। एजेंटों ने रकम दोगुनी करने का झांसा देकर यह रकम जमा कराई थी। अब कंपनी के अचानक भाग जाने से हजारों निवेशक इधर-उधर भटक रहे हैं। निवेशक जहां एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं एजेंट भी निवेशकों को कोस रहे हैं।
एजेंटों के परिजन भी परेशान हैं। वे लगातार अधिकारियों से मिलकर एजेेंटों के निर्दोष होने की बात कह रहे हैं, लेकिन पुलिस तहरीर के आधार पर कार्रवाई कर रही है। एजेंटों के साथ ही निदेशक की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। रविवार को पुलिस टीमों ने मीरा सराय, शिवपुरम के अलावा शाहजहांपुर, बरेली, संभल, मुरादाबाद सहित कई अन्य स्थानों पर दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
छह सौ से अधिक निवेशक दे चुके हैं शिकायती पत्र
कंपनी के निदेशक शशिकांत व सूर्यकांत मौर्य समेत अब तक 13 लोग नामजद हो चुके हैं। अज्ञात में एजेंट व अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। अब तक करीब 600 से अधिक निवेशक अपना शिकायती पत्र कोतवाली पुलिस को सौंप चुके हैं। लगातार मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। संवाद
जो एजेंट नामजद हैं और उनको भी लग रहा है कि उन्होंने कोई धोखाधड़ी नहीं की है तो वह कोतवाली पहुंचकर अपना पक्ष रख सकते हैं। जेल वही जा रहे हैं, जिन्होंने निदेशकों के साथ मिलकर निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पे हैं। -डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी