बरेली। बरेली, बदायूं के ईंट भट्ठा के साथ अब शाहजहांपुर में भी जीएसटी टीम ने छापामारी की है। पारस ब्रिक फील्ड की जांच में करीब डेढ़ करोड़ की बिक्री के सापेक्ष टैक्स चोरी का मामला प्रकाश में आया है। संचालक बिक्री शून्य बताकर टैक्स नहीं दे रहा था। इसलिए जीएसटी के अफसरों ने आठ लाख ईंट और दस्तावेज जब्त किए हैं।
जीएसटी टीम की जांच में पता चला कि भट्ठे द्वारा दूसरी फर्म के नाम से कोयला मंगवाया जा रहा है, जिससे ईंट उत्पादन का आकलन न हो सके। वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 50 लाख रुपये के कोयले की खरीद दिखाई, जबकि बिक्री शून्य दिखाकर टैक्स नहीं दिया गया। मौके पर उत्पादित आठ लाख ईंट सीज की। इससे संबंधित कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। पथाई, भराई, लेबर रजिस्टर समेत अन्य संदिग्ध दस्तावेज भी सीज किए गए हैं। प्रथम दृष्टया करीब डेढ़ करोड़ की टैक्स चोरी पता चली है। आकलन के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
जीएसटी अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि जांच में मिले प्रतिकूल तथ्यों की समीक्षा के बाद प्रारंभिक जांच रिपोर्ट न्याय निर्णयन अधिकारी को भेज दी जाएगी। कहा कि बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर के सभी भट्ठों की निगरानी विभाग कर रहा है। ब्यूरो
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विभागों से रिकॉर्ड लेकर तैयार कर रहे ईंट भट्ठे का प्रोफाइल
खनन विभाग और प्रदूषण बोर्ड से जानकारी लेकर चारों जिलों के प्रत्येक भट्ठे की प्रोफाइल बनाई जा रही है। एसआईबी अपर आयुक्त ग्रेड-2 एचपी राव दीक्षित ने बताया कि बरेली मंडल में 965 ईंट भट्ठे पंजीकृत हैं। भट्ठों द्वारा जितने भी संसाधनों से कोयला मंगाया गया है, उसकी सूचना जुटा ली गई है। प्रोफाइल बनने पर संबंधित भट्ठों की जांच होगी।
नियमानुसार टैक्स देने पर नहीं होगी भट्ठे की जांच
अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि जो ईंट भट्ठा व्यापारी उत्पादन, बिक्री पर नियमानुसार टैक्स देंगे। उनके खिलाफ एसआईबी की टीम जांच नहीं करेगी। आगामी वित्तीय वर्ष में जिन भट्ठा व्यापारियों द्वारा नियमानुसार टैक्स जमा नहीं होगा, उनके रिकॉर्ड के अनुसार भौतिक सत्यापन किया जाएगा। साथ ही, विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।