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Bareilly News: 11 माह में 60 करोड़, चार दिनों में 10 करोड़ वसूली की होड़

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बरेली। जीआईएस सर्वे के बाद शुरू हुआ गृहकर का क्लेश खत्म नहीं हो रहा। बिलों में गड़बड़ियों की वजह से वसूली प्रभावित हो रही है। कर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1.78 लाख करदाताओं से 70 करोड़ वसूली का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बीते 11 माह में नगर निगम का कर विभाग महज 60 करोड़ कर वसूल सका है। अब लक्ष्य पूरा करने के लिए महज चार दिनों में 10 करोड़ की वसूल करनी होगी।
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जीआईएस सर्वे के बाद बैकफुट पर आए कर विभाग ने 2.28 लाख में से 1.78 लाख करदाताओं की बिलिंग को ही वैध माना है। इनमें से भी सिर्फ 48 हजार करदाताओं से ही वसूली हो सकी है। जबकि, अप्रैल-मई 2024 तक ही पूरी वसूली हो जानी चाहिए थी, लेकिन जीआईएस सर्वे की गड़बड़ियों के कारण पहली तिमाही में महज 45 लाख रुपये वसूले जा सके।
जुलाई में 3.35 करोड़, अगस्त में तीन करोड़, सितंबर में पांच करोड़, अक्टूबर में 10.6 करोड़, नवंबर में 4.85 करोड़, दिसंबर में 6.12 करोड़, जनवरी में 6.56 करोड़, फरवरी में 5.58 करोड़ और मार्च में 26 तारीख तक 11 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। वसूली में देरी से शहर का विकास भी प्रभावित हो रहा है।
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20 करोड़ की लागत के 200 काम अटके
सड़क, नाली और नाला निर्माण के स्वीकृत 200 कार्याें के लिए नगर निगम को 20 करोड़ रुपयों की जरूरत है। बीते एक साल से ये कार्य रुके हुए हैं। पार्षद अलीम खां सुल्तानी ने कहा कि उनके वार्ड स्वालेनगर में यादवों वाली गली का टेंडर के बावजूद अब तक निर्माण नहीं हो सका। वहां बिना बारिश के ही जलभराव रहता है। पार्षद प्रतिनिधि मोहम्मद लईक ने बताया कि उनके वार्ड में कई सड़कें टूटी हैं। छोटे-छोटे काम हुए, पर कुरैश नगर, कटीकुईंया की सड़कें अभी बाकी हैं। निगम के अधिकारी बजट न होने का रोना रोते हैं। संवाद


अभी लगभग 48 हजार उपभोक्ताओं ने कर जमा किया है। 10 करोड़ का कर अभी बाकी है। लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रयास जारी है। - प्रदीप कुमार मिश्रा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
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