गुलड़िया। सिरौली थाना क्षेत्र के ग्राम गुरुगांव में मिलावटी रसगुल्ला फैक्टरी पर पुलिस ने शुक्रवार शाम को छापा मारा है। पुलिस को देखते ही फैक्टरी मालिक और कर्मचारी दीवार खुद कर भाग गए। यहां मौके से दो क्विंटल से अधिक छेने व रसगुल्ला बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। एसडीएम के निर्देश पर पहुंचे फूड इंस्पेक्टर ने सैंपल भरकर जांच के लिए भेज दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में मिलावटी रसगुल्ला, पनीर व अन्य खाद्य पदार्थ बनाने का धंधा पांच साल से चल रहा है। इस मामले की उच्च अधिकारियों से शिकायत हुई थी। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर सिरौली थाना प्रभारी राम रतन सिंह ने गुरुगांव स्थित मिलावटी रसगुल्ला फैक्टरी पर छापा मार दिया। बताते हैं कि पुलिस की गाड़ी देख मालिक और वहां काम कर रहे कर्मचारी भाग गए। मौके से दो क्विंटल छेने बरामद किए गए हैं। इधर, थाना प्रभारी सिरौली राम रतन सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर छापा मारा गया तो मालिक समेत सभी कर्मचारी भाग गए। संवाद
80 रुपये प्रति किलो बेचे जा रहे थे रसगुल्ले
बताया जा रहा है कि यहां सफेद मिलावटी रसगुल्ले को तैयार कर 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती थी। इन रसगुल्लों की आपूर्ति शाहाबाद, सिरौली, मीरगंज, अलीगंज, राजपुर कला, गुलड़िया, रामनगर हरदासपुर आदि स्थानों पर की जाती थी, जहां दुकानदार इन रसगुल्लों को 250-300 रुपये प्रति किलो बेच रहे थे। इसके अलावा इन रसगुल्लों को शादी के आयोजनों में खपाया जा रहा था।
रसगुल्ले के नमूने भरे गए हैं। इस मामले में प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
- नहने राम, एसडीएम
मिलावटी खाद्य पदार्थ से जानलेवा रोग की आशंका
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक रसगुल्ला हो या कोई भी मिलावटी खाद्य पदार्थ, इसमें सिंथेटिक दूध, स्टार्च, सैकरीन, सिंथेटिक स्वीटनर आदि रसायन मिलाए जाते हैं। सेवन से किडनी स्टोन, किडनी फेलियर, मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने से फैटी लिवर, कैंसर की आशंका रहती है। इम्यून सिस्टम भी कमजोर होता है। शरीर पर चकत्ते, खुजली, सूजन, सांस लेने में दिक्कत शुरुआती लक्षण हैं।