बरेली। एफएसडीए ने शहर में बसंत विहार कॉलोनी से बड़ी मात्रा में अवैध दवाओं और सैंपल का भंडार पकड़ा है जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। देर रात एफएसडीए ने थाना इज्जतनगर में इस मामले में एफआईआर दर्ज करा दी। विभाग अब सैंपल की दवाओं के सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश करेगा और पता लगाएगा कि इन अवैध दवाओं के खरीदार कौन थे।
एक गोपनीय जानकारी मिलने पर सहायक आयुक्त औषधि संजय कुमार ने मंडल से अधिकारी बुलाए। इससे पहले उन्होंने मिनी बाईपास बसंत कालोनी स्थित अंशिका कालोनी में अवैध कारोबारी का घर चिह्नित कराया। इसके बाद चारों जिलों की टीम पुलिस के साथ मौके पहुंची। छापामारी में पता चला कि मीरगंज निवासी इशांक मिश्रा बड़े स्तर पर सैंपल और दवाओं का अवैध कारोबार करता है। बिना किसी ड्रग लाइसेंस के बिक्री आदि भी होती है। मकान मिलक निवासी विनोद गंगवार का बताया गया। छापा टीम को इस घर से बड़ी मात्रा में दवाएं और सैंपल बरामद हुए। दवाएं की मात्रा का अंदाजा इससे से लग सकता है कि टीम को दो मिनी ट्रकों में दवाईयां लदवाना पड़ी। बरामद दवाएं थाना इज्जतनगर लाई गईं और उनकी सूची के साथ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने देर रात 419, 420 आदि धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। छापा कार्रवाई में विवेक कुमार, उर्मिला वर्मा, देशबंधु, नवनीत कुमार, बबिता रानी आदि ने भाग लिया।
.. तो सैंपल की दवाओं से चल रहा झोलाछाप का धंधा
ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले झोलाछाप डाक्टरों का धंधा ही सैंपल और अवैध दवाओं के सहारे चल है। इसका खुलासा कारोबारी इशांक मिश्रा से हुई पूछताछ से हुआ। उसने बताया कि सैंपल और दवाएं दिल्ली आदि स्थानों से खरीद कर ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले झोलाछाप डाक्टरों को सप्लाई करता है। बरेली शहर, भोजीपुरा, रिठौरा, बहेड़ी, मीरगंज, आंवला और फरीदपुर समेत विभिन्न इलाकों में कई डाक्टर भी दवाएं खरीदते हैं। छानबीन से पता चला कि ऐसे दर्जन भर से ज्यादा अवैध भंडारों से दवाईओं का कारोबार हो रहा है। इससे साफ हो गया कि जिले भर में अवैध दवाई और सैंपलों का काम नियोजित तरीके से चल रहा है।
कई डॉक्टर और कंपनी प्रतिनिधि भी धंधे में शामिल
बड़ी मात्रा में सैंपल दवाओं की बरामदगी में कई डाक्टर और कंपनी प्रतिनिधि शामिल हैं। अवैध कारोबारी मिश्रा ने डाक्टर और कंपनी के नाम बताने से इंकार कर दिया लेकिन संकेत दिए कि इस नेटवर्क में कई शामिल हैं।
मैं अवैध कारोबार नहीं करना चाहता था, ड्रग लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया था। इसके बदले में डेढ़ लाख रुपये मांगे गए। सैंपल बेंचने वाले लोगों के नाम अभी नहीं बता सकता।
- इशांक मिश्रा, आरोपी कारोबारी
अभी और लोग भी निशाने पर हैं। अवैध दवाएं और सैंपल कारोबारी से कई जानकारियां मिली हैं। इसके आधार पर ही इस नेटवर्क से जुड़े लोगों को चिह्नित करेंगे।
- संजय कुमार, सहायक आयुक्त, औषधि