बरेली। एक साल से बंद कुतुबखाना-कोहाड़ापीर मार्ग शुरू हो गया है। अब कोतवाली से महादेव पुल के नीचे से होते हुए कोहाड़ापीर तक आ-जा सकते हैं। पुल निर्माण के बाद से यहां रास्ता बंद था। एक दिन पूर्व ही सड़क बनाए जाने के बाद शनिवार को यहां लगे बैरिकेड्स भी हटा दिए गए। इससे अब कुतुबखाना चौराहा पहले की तरह खुल गया है। अब यहां से कोहाड़ापीर, किला, बासमंडी, चौपुला व पटेल चौराहे तक आया-जाया जा सकता है।
महादेव पुल का निर्माण अक्तूबर 2022 में शुरू हुआ था। सबसे पहले कुमार टॉकीज के पास डिवाइडर से खोदाई शुरू की गई थी। इसके बाद कोहाड़ापीर की तरफ काम शुरू किया गया। दोनों तरफ से पिलर बनने के बाद करीब एक साल तक कोहाड़ापीर से कुतुबखाने की तरफ आने वाला ट्रैफिक बंद कर दिया गया। अब एप्रोच रोड पूरी हो गई है। कुतुबखाने की सड़क भी डाल दी गई। इसके साथ ही शनिवार को किला की तरफ रखे बैरिकेड्स भी हटा दिए गए। इससे कुतुबखाने से अब सभी दिशाओं का यातायात पूर्व की भांति शुरू हो गया है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
कोहाड़ापीर के व्यापारियों को मिली राहत
पुल निर्माण के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत कुतुबखाने से कोहाड़ापीर की तरफ के व्यापारियों ने झेली है। क्योंकि यहां भी मुख्य बाजार है। एक साल बाद अब चूंकि कुतुबखाना मार्ग शुरू हो गया है तब दुकानदारों को उम्मीद है कि जल्द ही बाजार में पूर्व की तरह चहल-पहल लौट आएगी।
आर्यसमाज गली व कटरा वाली सड़क पर कम हुआ दबाव
कुतुबखाना चौराहे पर आवागमन शुरू होने से आर्यसमाज गली व कटरा की गलियों पर वाहनों का दबाव कम हो गया है। साथ ही वहां जाम की समस्या से भी छुटकारा मिला है। दरअसल, कुतुबखाना चौराहा बंद होने के कारण कोहाड़ापीर से लोग कटरा चांद खां की गलियों से होते हुए बड़े बाजार की तरफ जा रहे थे। यहां से आर्यसमाज गली होते हुए घंटाघर की तरफ आ रहे थे।
वर्जन
कुतुबखाना चौराहा बनाने के साथ ही बैरिकेड्स हटाकर रास्ता खोल दिया गया है। अब कुतुबखाना चौराहे से लोग पूर्व की भांति किसी भी दिशा में जा सकते हैं। - एमपी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम