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कुतुबखाना फ्लाईओवरः 147 करोड़ हुई लागत, 8.5 मीटर चौड़ा और डबल लेन बनेगा पुल

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कुतुबखाना ओवरब्रिज का विरोध करते व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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11 करोड़ और लगेंगे, बिजली-सीवर लाइन हटाने का खर्च और जुड़ने से बढ़ी लागत
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बिजली विभाग ने देर से सौंपा एस्टीमेट, सेतु निगम ने अनुमति के लिए मुख्यालय भेजा

बरेली। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल कुतुबखाना फ्लाईओवर का बनना तय माना जा रहा है। नए सिरे से सर्वे के बाद इसका एस्टीमेट तैयार हुआ है जिसके बाद दो लेन के पुल की लागत बढ़कर 147 करोड़ हो गई है। प्रोजेक्ट की डिजाइन और एस्टीमेट फाइनल करने को सेतु निगम मुख्यालय ने कवायद शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह तक उस पर अंतिम निर्णय हो जाएगा।
कोतवाली-कुतुबखाना-कोहाड़ापीर तक जाम और अतिक्रमण से हर कोई परेशान है। दो सालों से कुतुबखाना फ्लाईओवर के लिए कवायद हो रही है। प्रस्ताव भी बनाकर प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया था जो वित्त विभाग में फंस गया। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और मेयर उमेश गौतम की कोशिशों के बावजूद प्रोजेक्ट मंजूर नहीं हो सका। इस बार केंद्रीय मंत्री की पहल पर प्रोजेक्ट को स्मार्ट सिटी में शामिल कर लिया गया। मेयर ने भी इस पर सहमति जताई। स्मार्ट सिटी के चेयरमैन मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने दिलचस्पी दिखाई तो बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव मंजूर करने के साथ उसके बजट पर भी मोहर लग गई। हालांकि कुछ व्यापारी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। पिछले महीने जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा जब बरेली आए तो विधायकों के साथ व्यापारियों ने भी इस फ्लाईओवर का मामला उठाया। ऊर्जा मंत्री ने संगठन से राय मांगी। उन्होंने पत्रकार वार्ता में स्पष्ट किया कि सबकी सहमति से ही विकास होंगे।
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कमिश्नर ने इसके बाद सेतु निगम से रिवाइज एस्टीमेट, सर्वे और डिजाइन तलब की। सेतु निगम ने सभी तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखते हुए फ्लाईओवर बनाने के लिए नापजोख कराई। इसमें इस बात का खास ध्यान रखा गया कि किसी दुकानदार या बाजार को नुकसान न हो। फ्लाईओवर की लागत 136 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इसकी लंबाई 1577 मीटर और चौड़ाई साढ़े आठ मीटर तय हुई। दोबारा हुए सर्वे में चौड़ाई और लंबाई तो वही रही मगर लागत करीब 11 करोड़ रुपये बढ़ गई। दरअसल पहले बिजली और सीवर लाइनें इधर-उधर करने पर आने वाले खर्च का ब्योरा विभागों ने नहीं दिया था।

सेतु निगम मुख्यालय पहुंचा फ्लाईओवर का प्रस्ताव

मंडलायुक्त के निर्देश पर सेतु निगम अफसरों ने रिवाइज एस्टीमेट और डिजाइन स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दी है। उप परियोजना प्रबंधक वीके सेन ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर विशेषज्ञ एस्टीमेट और डिजाइन का अध्ययन कर रहे हैं। अगले सप्ताह तक मुख्यालय से स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।

कुतुबखाना-कोहाड़ापीर मार्ग पर जाम लगातार बढ़ रहा है। इसके निदान के लिए फ्लाईओवर जरूरी है। जनप्रतिनिधियों के साथ व्यापारी नेताओं ने भी फ्लाईओवर निर्माण का आग्रह किया है। प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी में शामिल है इसलिए बजट की कमी नहीं आने देंगे। - रणवीर प्रसाद, मंडलायुक्त

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