बरेली। शराबी पति की पिटाई और गर्भ में पल रहे बच्चे को फेंक देने की धमकी के बाद महिला अस्पताल में बच्चों की परवरिश और नवजात को गोद लेने की गुहार लगा रही गर्भवती की मदद के लिए बुधवार को कतार लग गई। गर्भवती के सहयोग के लिए पहुंचे लोगों को रोकने के लिए स्टाफ को खासी मशक्कत करनी पड़ी। डीपीओ ने विशारतगंज पुलिस से संपर्क कर उसके पति की तलाश करने को कहा है।
मंगलवार को महिला अस्पताल की ओपीडी में विशारतगंज के मिर्जापुर की रहने वाली सात माह की गर्भवती वंदना जांच कराने पहुंची थी। बताया था कि पति मोरपाल शराबी और उसे पीटता है। वजह बताई कि उसके दो बेटियां हैं और अब गर्भ धारण होने के बाद पति लगातार धमकियां दे रहा है कि अगर उसे बेटी हुई तो वह उसे फेंक देगा। बीमारी का इलाज कराने में भी असमर्थ है। दोनों बेटियो की परवरिश का इंतजाम करने पर वह तीसरा बच्चा भी उसे देने को कहा था। मामले का वीडियो वायरल होेेने पर प्रकरण सुर्खियां बना तो बुधवार को बरेली समेत अन्य जिलों के लोगों ने अस्पताल में कॉल कर महिला की मदद की बात कही। वहीं, बरेली के तमाम संगठनोें से भी लोग अस्पताल पहुंचे। लोगों की आवाजाही बढ़ने पर पुलिस बुलानी पड़ी। अस्पताल प्रबंधन ने डीपीओ को मामले की सूचना दी। देर शाम डीपीओ ने टीम भेजकर महिला से बाचतीत का प्रयास किया। हालांकि, ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी। पति को फोन से संपर्क करने का प्रयास भी बेनतीजा रहा।
गर्भवती जहां चाहे वहां रहे, होगी निगरानी
डीपीओ नीता अहिरवार ने बताया कि पति से संपर्क न होने पर विशारतगंज थाना को पति से संपर्क करने को कहा गया है। पति को बुलाकर गर्भवती के साथ उसकी काउंसलिंग की जाएगी। तत्कालीन परिस्थितियों के अनुसार जो भी निर्णय होंगे, उसके अनुसार हर संभव मदद की जाएगी। अगर नारी निकेतन में रहेगी तो वहां और अगर घर जाना चाहेगी तो वहां के सीडीपीओ, आशा, आंगनबाड़ी वर्करों को निगरानी के निर्देश दिए जाएंगे। गर्भवती का जब तक इलाज अस्पताल में होगा उसकी निगरानी की जाएगी।