बरेली। विकास भवन में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में कृषकों ने बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने, छुट्टा पशु, केसीसी का कर्ज अदा करने के बाद भी जमीन बंधन मुक्त का इंतजार करने जैसे मुद्दे उठाए। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।किसान केंद्रपाल सिंह ने कहा कि बहेड़ी के किसानों का भुगतान में देरी हो रही है। अन्य किसानों ने कहा कि गन्ना क्रय अधिनियम में खरीद के 14 दिन में भुगतान का प्रावधान है तो इसका पालन क्यों नहीं हो रहा है। किसान धनीराम ने बहेड़ी व दमखोदा में तालाब सूखने की शिकायत की। सीताराम ने कृषि ऋण पर ब्याज छमाही की जगह वार्षिक लगाने की मांग रखी। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. रंजीत सिंह, डाॅ. आरएल सागर व सर्वेश कुमार ने दीमक एवं माहू रोग से रोकथाम के उपाय समझाए। इस दौरान कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सम्मान निधि की 13वीं किस्त जल्द मिलेगी
उप निदेशक कृषि डॉ. दीदार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 13वीं किस्त जल्दी ही किसानों के खाते में भेजी जाएगी। राशि उसी बैंक खाते में जाएगी, जो आधार कार्ड और नेशनल पेमेंट सिस्टम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) से जुड़ा होगा। यदि खाता एनपीसीआई से नहीं जुड़ा है तो किसान बैंक से संपर्क करें। अगर नया खाता खोलना है तो पोस्ट ऑफिस में एनपीसीआई से लिंक खाता खुलवाएं।
ऑटोमैटिक बंधनमुक्त हो जाएगी जमीन
लीड बैंक मैनेजर ने बताया कि कर्ज अदा करने के बाद किसानों की जमीन बंधनमुक्त करने के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे जमीन ऑटोमैटिक बंधनमुक्त हो जाएगी। डीसीओ यशपाल सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे चीनी की बिक्री होती है, वैसे-वैसे भुगतान किया जा रहा है।
प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला 20 को
डीडी के मुताबिक 20 फरवरी को कृषि निर्यात से संबंधित सेमीनार आईएमए सभागार में होगा। इसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर सीखने का मौका मिलेगा।