बरेली के गहरे और खुले नालों के किनारे लगाई गई लोहे की रेलिंग की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। शिकायतों का संज्ञान लेकर नगर आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं। यह भी निर्देश दिए हैं कि जब तक सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता की विस्तृत जांच पूरी नहीं हो जाती, संबंधित ठेकेदारों के बिलों का भुगतान नहीं किया जाएगा।
यह पूरा प्रोजेक्ट शहर के विभिन्न वार्डों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से अवर अभियंताओं के प्रस्ताव पर शुरू किया गया था। शहर के कई हिस्सों में रेलिंग लगाई जा चुकी हैं और कई जगह काम प्रगति पर है। इसी बीच शिकायतें पहुंचने लगीं कि कई स्थानों पर बेहद पतले पाइपों का उपयोग किया गया है और वेल्डिंग व फिटिंग की मजबूती भी संदिग्ध है। अब घनी आबादी, स्कूलों और बाजारों के पास लगी रेलिंग में प्रयुक्त पाइप की मोटाई, वेल्डिंग की गुणवत्ता और रेलिंग की मजबूती की जांच की जाएगी। मानकों की अनदेखी या अनियमितता मिलने पर संबंधित निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस जांच के आदेश के बाद विभाग में खलबली मची है और करोड़ों के भुगतान अटक गए हैं।