बरेली के जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती पत्नी को इलाज नहीं मिलने और व्यवस्था को कोसते हुए उसे रिक्शे से घर ले जाने के प्रकरण में जिलाधिकारी ने जांच बैठा दी है। एडी एसआईसी ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी है।
प्रभारी एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर शनिवार शाम को ईएमओ से जानकारी ली थी। बुजुर्ग महिला को फर्स्ट फ्लोर पर फीमेल वार्ड में तीन दिन तक भर्ती रखा गया। हालत में सुधार नहीं होने पर हायर सेंटर रेफर कर नीचे के वार्ड में शिफ्ट किया गया था। डॉक्टर को सूचना दिए बिना ही बुजुर्ग अपनी पत्नी को लेकर चला गया। इलाज, मरीज की जांच रिपोर्ट और उस दौरान तैनात स्टाफ और ईएमओ से जांच टीम पूछताछ करेगी। इमरजेंसी में लगे सीसी कैमरों की फुटेज भी देखी जाएगी ताकि घटना का समय पता चल सके। किन परिस्थितियों में बुजुर्ग को यह निर्णय लेना पड़ा, इसकी भी जांच की जाएगी।
वीडियो से हुई जानकारी, ईएमओ, स्टाफ रहे बेखबर
भर्ती बुजुर्ग महिला के अस्पताल से जाने की जानकारी अधिकारियों को शाम को वायरल वीडियो देखकर हुई। ईएमओ, वार्ड बॉय व स्टाफ नर्स में किसी ने जानकारी नहीं दी थी। यह इमरजेंसी में तैनात स्टाफ की मुस्तैदी के दावों की पोल खोल रहा है। प्रभारी अधिकारी के मुताबिक, स्टाफ को हिदायत दी गई है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी वार्ड चमकाने की कवायद शुरू
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प्रकरण के बाद अधिकारियों के औचक निरीक्षण की संभावना पर रविवार को इमरजेंसी वार्ड को चमकाने का दौर जारी रहा। वार्ड के सभी पंखों पर जमी धूल साफ कराई। परिसर में साफ-सफाई की गई। हालांकि, प्रभारी एडी एसआईसी ने अगले सप्ताह एन्क्वॉस टीम के निरीक्षण से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की बात कही।