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Bareilly News: झोलाछाप, मेडिकल स्टोरों के नाम फर्जी बिलों के जरिये खपाईं नकली दवाएं, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

Wed, 18 Feb 2026 09:55 AM IST
मुकेश कुमार निर्मल पांडेय, संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली जिले में झोलाछाप और मेडिकल स्टोरों के नाम फर्जी बिलों के जरिए नकली दवाएं बेची गईं। औषधि विभाग की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इस पर बहेड़ी के जगदीश मेडिकल स्टोर का थोक बिक्री लाइसेंस 30 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है।  
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik.com
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विस्तार
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आगरा की बंसल मेडिकल एजेंसी और मां मेडिको से बरेली के बड़ा बाजार स्थित लखनऊ ड्रग एजेंसी, वर्मा ब्रदर्स एंड कंपनी और गुनिना फार्मास्युटिकल्स ने बड़ी मात्रा में नकली दवाएं खरीदीं। इन दवाओं को बहेड़ी के पंजाबी कॉलोनी चौराहा स्थित जगदीश मेडिकल स्टोर के जरिये डॉक्टरों, मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप के बीच खपाया गया। फर्जी बिल के जरिये दवाओं की खरीद और ब्रिक्री की गई। निरीक्षण में नौ तरह की औषधि के कंप्यूटर स्टॉक एवं मौजूद स्टॉक का मिलान करने पर औषधियों की मात्रा में भारी अंतर मिला। 

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बहेड़ी कस्बे के आसिफ मेडिकल स्टोर, देव मेडिकल स्टोर, भारत मेडिकल एजेंसी, जनता मेडिकल हॉल, लोधीपुर निवासी झोलाछाप आदित्य और डॉ. होरी लाल के नाम के फर्जी बिल भी मिले हैं। इस अनियमितता पर औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) ने जगदीश मेडिकल स्टोर के प्रोपराइटर रजत पिपलानी का थोक औषधि बिक्री लाइसेंस 30 दिन के लिए निलंबित किया है। निलंबन अवधि में फर्म से औषधियों का क्रय-विक्रय और प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा।

बंसल मेडिकल एजेंसी और मां मेडिको की एसटीएफ और जीएसटी की जांच में सामने आया था कि नकली दवाओं की बिक्री बरेली की फर्मों को भी की गई थी। नकली औषधि एलेग्रा-120  एमजी बंसल मेडिकल एजेंसी से बरेली की लखनऊ ड्रग एजेंसी को बेची गई। लखनऊ ड्रग एजेंसी ने जगदीश मेडिकल स्टोर को बेची। यह खुलासा औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने जगदीश मेडिकल स्टोर के निरीक्षण में किया था। 

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इन दवाओं को खरीदा गया 
जांच में पुष्टि हुई थी कि रजत पिपलानी ने मीसोप्रोस्ट-200 किट, अनवांटेड किट-72, एविल-10 एमएल वॉयल, प्रेगा न्यूज कार्ड लखनऊ ड्रग एजेंसी, वर्मा ब्रदर्स एंड कंपनी, गुनिना फार्मास्युटिकल्स से भारी मात्रा में खरीदे हैं। इन औषधियों का एक जनवरी से 30 नवंबर 2025 तक क्रय-विक्रय बीजक भी रजत ने नहीं दिए। रजत ने थोक लाइसेंस पर फुटकर में भी बिक्री की। औषधि निरीक्षक की जांच  रिपोर्ट में कहा गया है कि नकली एवं संदिग्ध दवाओं की बिक्री   करने के साथ ही अन्य दवाओं को भी फर्जी बिलों के जरिये बेचा गया है।

पहले मुकर गया, फिर बताई हकीकत
औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) ने कहा कि एक नवंबर 2025 को निरीक्षण के दौरान रजत पिपलानी ने औषधि निरीक्षक उर्मिला को लिखित बयान दिया था कि एलेग्रा-120 एमजी, शेल्काई-500, एसीलॉक, पेंडर्म क्रीम की खरीद उसने लखनऊ ड्रग एजेंसी से नहीं की है। दूसरे निरीक्षण में रजत ने बताया कि दवाएं उसने लखनऊ ड्रग एजेंसी से ही खरीदी और बेची हैं। साक्ष्य के रूप में क्रय बीजक भी दिया। रजत ने यह भी कहा कि उसने थोक लाइसेंस पर फुटकर में दवा अपने चाचा को बेची थी। जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर-2025 में मैन्युअल बिल काटा था।
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पूर्व में जगदीश मेडिकल का सामने आया था नाम
बताया जा रहा है कि आगरा की फर्मों से नकली एलेग्रा-120एमजी की सप्लाई लेने के मामले में शहर के गली नवाबन स्थित लखनऊ ड्रग एजेंसी का नाम सामने आने के बाद औषधि निरीक्षक ने जांच की थी। प्रारंभिक जांच में बहेड़ी के जगदीश मेडिकल स्टोर के नाम से एलेग्रा-120एमजी की 600 टेबलेट बिक्री का बिल काटे जाने की बात सामने आ गई थी। इसके बाद जगदीश मेडिकल स्टोर पर भी दो बार जाकर औषधि निरीक्षक उर्मिला ने जांच की है। जिसमें नकली एवं अन्य दवाओं की खरीद-बिक्री फर्जी बिलों पर होने की पुष्टि हुई है।

औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) संदीप कुमार ने बताया कि बहेड़ी के जगदीश मेडिकल स्टोर के संचालक ने भारी मात्रा में काउंटरफीट/नकली औषधियों की खरीदारी और बिक्री की है। थोक लाइसेंस होने पर भी उसने फुटकर में दवाएं बेचीं और फर्जी बिल काटे। उसका लाइसेंस निलंबित कर दवाओं की खरीद-बिक्री प्रतिबंधित की गई है। 
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