बरेली। रिंग रोड और बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भू अधिग्रहण की प्रक्रिया में हुए घोटाले में विभिन्न आरोपों से घिरीं लोक निर्माण विभाग की सहायक अभियंता (एई) स्नेहलता श्रीवास्तव को शासन ने बहाल कर दिया। हालांकि, आरोपों की जांच जारी रहेगी। जांच मुख्य अभियंता कर रहे हैं। आरोपपत्र दिया जा चुका है। एई का पक्ष सुनने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
रिंग रोड और बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने चिह्नित जमीन और उस पर बनी परिसंपत्तियों के लिए मुआवजा तय किया था। भुगतान से पहले इसका सत्यापन लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने किया था। मंडलायुक्त की ओर से कराई गई जांच में घोटाला सामने आया तो अभियंताओं पर निलंबन की गाज गिरी। अभियंताओं ने निलंबन को चुनौती दी थी। अवर अभियंता तो पहले ही बहाल हो गए, पर एई को अब बहाल किया गया है। बहाली आदेश में शासन के विशेष सचिव अमित आसेरी ने कहा है कि त्रुटिपूर्ण सत्यापन को लेकर 18 सितंबर 2024 को जारी आदेश से प्रचलित विभागीय जांच जारी रहेगी। ब्यूरो