बरेली। दातागंज निवासी ब्रजेश की पत्नी का शनिवार देर रात सामान्य प्रसव हुआ। धनतेरस पर बच्ची के जन्म की खुशी दिवाली पर परिवार संग मनाने के लिए रविवार को अस्पताल से स्वैच्छिक छुट्टी मांगी। डॉक्टरों ने छुट्टी देकर किसी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल संपर्क करने के लिए कहा है।
शुक्रवार, शनिवार को भर्ती हुई गर्भवती जिन्होंने सामान्य प्रसव से शिशु को जन्म दिया। उन्होंने दिवाली घर पर मनाने के लिए अस्पताल प्रशासन से लिखित अनुमति मांगी। जरूरी जांच के बाद हालत खतरे से बाहर मिलने पर उन्हें सशर्त अनुमति दी गई। उनकी या शिशु किसी की हालत बिगड़ने पर तत्काल संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर भी दिया है। इसके अलावा स्थानीय आशा कार्यकर्ता को भी दिन में दो बार आवास पर पहुंचकर हाल खबर लेने को कहा है। स्टाफ नर्स के मुताबिक सामान्य प्रसव के बाद भी 48 घंटे चिकित्सकीय निगरानी बेहद जरूरी होती है।
अगर अनदेखी हुई तो हालत बिगड़ने के बाद संभलना मुश्किल होता है। ये जानकारी दी गई पर परिजन नहीं माने। विवाद न हो इसलिए उनसे लिखित प्रार्थना पत्र लेकर स्वीकृति दी गई। बताया कि रविवार सुबह से रात आठ बजे तक 10 प्रसूताओं को डिस्चार्ज किया गया। आठ भर्ती हैं।
पटाखों से दूर रहें गर्भवती और हाल की प्रसूता
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक दिवाली पर गर्भवती को विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। आतिशबाजी से निकलने वाली हानिकारक गैस, तेज आवाज गर्भपात की वजह बन सकते हैं। वहीं, हाल ही की जो प्रसूता हैं, वे पटाखों से दूर रहें। ताकि संभावित खतरों से बचाव हो। कहा कि तेज आवाज से रक्तचाप (बीपी) बढ़ता है। धुएं की हानिकारक गैसें शरीर में पहुंचने पर दिक्कत की आशंका है। ब्यूरो