जोड़े हुए पैसों से कुछ अन्य पशु खरीदे। आसपास के कारोबारियों से बात करके उन्हें अपने तैयार किए उत्पाद को खरीदने के लिए तैयार किया। आर्डर मिलने पर माल तैयार करना शुरू किया। शुरूआत में कुछ पैसे कम मिले। लेकिन जैसे-जैसे लोगों को उनके तैयार किए उत्पादों की गुणवत्ता और ताजगी पसंद आने लगी, ऑर्डर भी ज्यादा मिलने लगे।
अन्य महिलाओं को भी दिया बचत का मंत्र
पुष्पा बताती हैं कि काम को विस्तार मिला तो अकेले ऑर्डर पूरा करने में कठिनाई होने लगी। उन्होंने आसपास की महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ा। त्यौहारों के सीजन में मांग ज्यादा रहती है तो उनके साथ ज्यादा महिलाएं काम करती हैं। अन्य दिनों में यह संख्या कुछ कम रहती है। साथ काम करने वाली हर महिला को कमाई का एक हिस्सा बचत करने को कहती हैं। अपनी कहानी से सिखाती हैं और अपना काम करने की प्रेरणा देती हैं।