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अपराजिता: पुष्पा ने छोटी बचत से शुरू किया कारोबार, आसपास की महिलाओं को भी बनाया आत्मनिर्भर

Mon, 25 Dec 2023 10:47 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

फरीदपुर के ग्राम कपूरपुर की कारोबारी पुष्पा ने दुग्ध उत्पाद का कारोबार शुरू किया। वह दूध से दुग्ध उत्पाद तैयार करके आस-पास के बाजार में पहुंचाती हैं। उन्होंने अपना खुद का आउटलेट भी खोला है।
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कारोबारी पुष्पा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मन में इरादा पक्का हो और कुछ करने का जुनून हो तो इंसान अपना रास्ता बना ही लेता है। यह कहना है बरेली के फरीदपुर के ग्राम कपूरपुर की कारोबारी पुष्पा का। पुष्पा पेशे से दुग्ध उत्पाद कारोबारी हैं। पशु-पालन करते-करते काम को आगे बढ़ाने के विचार ने उन्हें यह करने के लिए प्रेरित किया। अब उन्होंने पशुपालन को दुग्ध उत्पाद के काम से भी जोड़ दिया है। 

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दूध से दुग्ध उत्पाद तैयार करके आस-पास के बाजार में पहुंचाती हैं। उन्होंने अपना खुद का आउटलेट भी खोला है। पनीर, मावा समेत अन्य उत्पादों की खूब मांग है। उनका कहना है कि त्योहार के सीजन में इन उत्पादों की मांग और भी बढ़ जाती है। आज की स्थिति में उनके इन्हीं प्रयासों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है।

बचत से खड़ा किया कारोबार
पुष्पा बताती हैं परिवार की आर्थिक स्थितियां बिगड़ने लगीं तो अपना काम करने का फैसला किया। घर में पशुपालन पहले से ही होता था। उन्हें यही काम बखूबी आता था। समूह में प्रशिक्षण लेकर उन्होंने दूध से पनीर और मावा आदि बनाना भी सीख लिया था। काम को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपनी जोड़ी हुई छोटी-छोटी बचतों का सहारा लिया। 

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जोड़े हुए पैसों से कुछ अन्य पशु खरीदे। आसपास के कारोबारियों से बात करके उन्हें अपने तैयार किए उत्पाद को खरीदने के लिए तैयार किया। आर्डर मिलने पर माल तैयार करना शुरू किया। शुरूआत में कुछ पैसे कम मिले। लेकिन जैसे-जैसे लोगों को उनके तैयार किए उत्पादों की गुणवत्ता और ताजगी पसंद आने लगी, ऑर्डर भी ज्यादा मिलने लगे।
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अन्य महिलाओं को भी दिया बचत का मंत्र
पुष्पा बताती हैं कि काम को विस्तार मिला तो अकेले ऑर्डर पूरा करने में कठिनाई होने लगी। उन्होंने आसपास की महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ा। त्यौहारों के सीजन में मांग ज्यादा रहती है तो उनके साथ ज्यादा महिलाएं काम करती हैं। अन्य दिनों में यह संख्या कुछ कम रहती है। साथ काम करने वाली हर महिला को कमाई का एक हिस्सा बचत करने को कहती हैं। अपनी कहानी से सिखाती हैं और अपना काम करने की प्रेरणा देती हैं।
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