बाजारों में 20 रुपये से लेकर दो हजार तक की पिचकारियां मौजूद
बरेली। होली की आहट होते ही बाजारों में रौनक दिखने लगी है। बाजार में रंग, अबीर, गुलाल और पिचकारी की दुकानें सज गईं हैं। इस बार खासतौर से एके-47 और एम-16 टॉय गन, हथौड़े वाली पिचकारियां, पुष्पा वाला मास्क सबसे ज्यादा बिक रहे हैं। बैटरी चालित पिचकारियां भी बच्चों को खूब भा रही हैं, जिनमें लाइटिंग और ऑटोमेटिक वाटर स्प्रे सिस्टम जैसी खूबियां हैं। 20 रुपये से लेकर दो हजार तक पिचकारी बाजार में उपलब्ध हैं। लोगों ने खरीदारी भी शुरू कर दी है।
शहर से लेकर गांव के बाजारों तक होली का उत्साह दिख रहा है। दुकानों में कई तरह की पिचकारियां, खिलौने और मुखौटे मौजूद हैं। हर्बल गुलाल भी मौजूद हैं। सिविल लाइंस मार्केट में पिचकारी विक्रेता दिवाकर और शुभम ने बताया कि बाजार में तरह-तरह की पिचकारियां मौजूद हैं। दुकानदार रमेश गुप्ता ने बताया कि इस बार इलेक्ट्रॉनिक और बैटरी चालित पिचकारियों की मांग ज्यादा है। एके-47 डिजाइन वाली टॉय गन वाली पिचकारियां बच्चों को काफी पसंद आ रही हैं। ये दिखने में आकर्षक हैं और पानी भी दूर तक फेंकती हैं।
शहर में लगीं होली की विशेष दुकानें
शहर के कोतवाली, किला, बड़े बाजार, सिविल लाइंस, सुभाषनगर, और सेटेलाइट, डीडीपुरम, राजेंद्रनगर जैसे प्रमुख इलाकों में दुकानदारों ने होली के सामान से अपनी दुकानों को सजा रखा है। गुलाल और रंगों के ढेर के बीच पिचकारियों की नई-नई वैरायटी लोगों को खूब लुभा रही हैं।
पिचकारियों और रंगों की कीमत
प्रेशर गन- 100 रुपये से लेकर एक हजार तक।
मिनी गुलाल सिलेंडर- 1500 में चार किलो।
गुलाल - 100 से 2000 रुपये।
पॉप कलर - 500 से एक हजार रुपये।
हर्बल कलर- 160 रुपये किलो।
पिट्ठू पिचकारी- 500 से तीन हजार रुपये।
पाइप वाली पिचकारी- 20 रुपये से लेकर दो हजार।
इलेक्ट्रॉनिक पिचकारियां- 250 रुपये से 5 हजार।
रंग-बिरंगे मुखौटे- 200 से लेकर 500 रुपये।
रंग-बिरंगे बाल- 250 रुपये से लेकर 370, 470 रुपये।
सफेद रंग के कुर्ते, होली के प्रिंटेड टी-शर्ट- 350 रुपये से लेकर 500 तक के उपलब्ध है।
संवाद