जाट रेजिमेंट के दो सौ साल से पुराने इतिहास में मंगलवार को एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया। जाट रेजिमेंट सेंटर पर कड़ी सुरक्षा में आयोजित समारोह में थल सेना उपाध्यक्ष एवं कर्नल ऑफ द जाट रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने ध्वज फहराकर 24वीं जाट बटालियन के उदय की घोषणा की।
अब तक जाट रेजिमेंट की 23 बटालियन थीं। चार साल पहले 2016 में 23वीं बटालियन की स्थापना बरेली में की गई थी। अब एक और पलटन खड़ी करके रेजिमेंट ने अपने विस्तार का नया इतिहास लिखा है।
नई बटालियन के स्थापना समारोह में जवानों और अफसरों के साथ जाट रेजिमेंट सेंटर के अफसर भी शामिल हुए। थल सेना उपाध्यक्ष, कर्नल ऑफ द जाट रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, वीएसएम, एडीसी ने 24 जाट का ध्वज फहराकर रजिमेंट की स्थापना की घोषणा की।
उन्होंने इसके बाद जवानों को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के लोकाचार का महत्व बताया और सैनिकों से मातृभूमि की सेवा के लिए भविष्य के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मजबूत नींव तैयार करने का जोश भरा। 24 जाट नियमित बटालियन के तौर पर काम करेगी।
समारोह में जाट रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख भी किया गया। बता दें कि जाट वीरों ने रेजिमेंट की स्थापना के बाद कई लड़ाइयों में अपने अदम्य साहस और शौर्य से दुश्मनों के दांत खट्टे कर गौरवशाली इतिहास लिखा है।
जाट रेजिमेंट सेंटर में स्थापित जाट म्यूजियम उनकी जांबाजी का गवाह है जहां कई लड़ाइयों के ब्योरे के साथ जंग में दुश्मन देशों से छीने गए अस्त्र-शस्त्र भी मौजूद हैं। शहीद जाट वीरों के चित्र और उनकी गौरवगाथा भी म्यूजियम में उपलब्ध हैं।