गांव सुल्तानपुर में आवाज की बुलंद, चक काटने के नाम पर लगाया आरोप, सीएम से की शिकायत
मीरगंज/दुनका। मीरगंज तहसील क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में दो वर्षों से चकबंदी प्रकिया चल रही है, लेकिन अभी तक खातों का अंश निर्धारण नहीं हुआ है। ग्राम प्रधान मुन्नी देवी, उनके पति मोतीराम, रामस्वरूप, रामसहाय आदि ने शुक्रवार को पुलिस कर्मियों के साथ आए सहायक चकबंदी अधिकारी के सामने चक काटने के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद ग्रामीण मुख्यमंत्री सहित आलाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। शिकायती पत्र में उन्हें हटाकर किसी और से चकबंदी का कार्य करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, सहायक चकबंदी अधिकारी ने शुक्रवार को बैठक करने का समय सुबह नौ बजे बताया, जिसमें गांव के लोग सुबह नौ बजे पंचायत भवन पर इकट्ठे हो गए। लेखपाल और कानूनगो सुबह दस बजे पहुंच गए, लेकिन सहायक चकबंदी अधिकारी ढाई बजे तक गांव नहीं पहुंचे तो ग्रामीण भड़क गए। उनके खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। जैसे तैसे लेखपाल और कानूनगो ने समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद सहायक चकबंदी अधिकारी दोपहर 2:40 बजे शाही पुलिस को लेकर गांव पहुंचे। इससे ग्रामीण और भड़क गए। आरोप लगाया कि ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बजाए उनकी आवाज दबाने का काम किया जा रहा है।
इन गांवों में रुकी चकबंदी की प्रक्रिया
लोगों ने बताया कि सहायक चकबंदी अधिकारी की वजह से ही मीरगंज के गांव ठिरिया बुजुर्ग, अंबरपुर, गोरा हेमराजपुर की चकबंदी रुकी हुई है। ग्रामीणों का कहना था कि चकबंदी विभाग के अफसर-कर्मी रुपये मांगकर अनायास ही परेशान कर रहे हैं। एसडीएम आलोक कुमार ने बताया कि मामला में शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
भूख हड़ताल की दी चेतावनी
उन्होंने सीएम को भेजे शिकायती पत्र में सहायक चकबंदी अधिकारी को हटाकर किसी और से चकबंदी कराने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। संवाद