मस्जिद और दरगाह के बाहर किया प्रदर्शन
बरेली। कानपुर में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखने पर एफआईआर होने का शनिवार को भी मस्जिद और दरगाह के बाहर विरोध जताया। साथ ही मुकदमा जैसी कार्रवाई को निंदनीय बताते हुए नाइंसाफी बताया। परतापुर स्थित दरगाह हुजूर फतेह अजमेर पर में तहरीक ए मदारियत कौंसिल ऑफ इंडिया (टीएमसी) की ओर से काफी संख्या में लोग नामूस ए रिसालत के लिए इक्कठा हुए। इसमें लोगों ने अपने हाथों में ‘आई लव मोहम्मद’ के बैनर उठाए एक शांतिपूर्वक विरोध किया। साथ ही नबी से मोहब्बत का इजहार किया। यह विरोध सज्जादगान-ए-हुजूर फतेह अजमेर टीएमसी प्रमुख व दरगाह प्रबंधक डॉ. सैयद इंतखाब आलम जाफरी, सैयद जावेद आलम जाफरी, सैयद शाहकार आलम जाफरी, सैयद साहिल महफूज जाफरी मदारी की सरपरस्ती में किया गया। इस दौरान टीएमसी प्रमुख ने कहा कि जिन बेकसूर लोगों पर बिना वजह एफआईआर दर्ज की गई है वो सरासर नाइंसाफी है। इसके बाद शासन को एक ज्ञापन भी भेजा गया।
शनिवार को कुतुबखाना स्थित हरि मस्जिद के बाहर बैनर के साथ प्रदर्शन किया। यह विरोध नबिरा-ए-आला हजरत अल्हाज मौलाना तौसीफ रजा खां के दामाद सैयद आमिर मियां के नेतृत्व में जताया गया। आमिर मियां ने कहा कि अपने नबी की मोहब्बत का इजहार करना जुर्म कब से हो गया। पैगंबर-ए-इस्लाम ने संपूर्ण दुनिया को प्रेम और शांति का संदेश दिया है। इस दौरान सैयद नाजिम अली एडवोकेट, नदीम साबरी, मोहसिन खान, हाजी शाह खालिद, मुजाहिद खान, मौलाना मगरूब, अब्दुल करीम आदि नमाजी मौजूद रहे। संवाद