डोहरा रोड पर सबसे महंगी जमीन
सदर तहसील में पीलीभीत बाइपास डोहरा रोड पर सबसे अधिक 20 फीसदी सर्किल रेट प्रस्तावित है। आंवला तहसील में अकृषक, वाणिज्यिक और अन्य भूमि की दरों में सामान्यतः करीब 10 फीसदी वृद्धि प्रस्तावित है। औद्योगिक कॉरिडोर से से जुड़े क्षेत्रों में कृषि भूमि की दरों में अलग-अलग वृद्धि प्रस्तावित की गई है। भमोरा में पांच फीसदी और शेष नौ चयनित गांवों में करीब 25 फीसदी की वृद्धि की गई है। यह जिले में सर्वाधिक वृद्धि है।
मीरगंज में 10 से 20 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित
मीरगंज में अकृषक और कृषि भूमि की दरों में 10 से 20 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है। अन्य श्रेणी की भूमि में करीब 20 फीसदी तक वृद्धि और चिल्लित मार्गों की दरों को बाजार मूल्य के अनुरूप करने का प्रस्ताव है। नवाबगंज तहसील में अकृषक व कृषि भूमि की दरों में पांच से 20 फीसदी और वाणिज्यिक एकल भूमि में औसतन 10 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव है। यहां कुल 91 सेगमेंट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें बथुआ व ज्योरा मकरंदपुर को अर्धनगरीय क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव है।
बहेड़ी तहसील में चार नए रोड सेगमेंट भी चिह्नित किए गए हैं। इसमें नारायण नगला पुल से गुरसौली तक, गन्ना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जाम सावंत जनूबी तक, देवरनिया रेलवे फाटक से मुडिया बाजार तक, जहानाबाद रोड पर सेवाराम ट्रेडर्स से कुंडरा सीमा तक बनाए गए हैं। जहां कृषि व गैर खेती की भूमि की दरों में पांच से 15 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है।
यहां पहले भी कम नहीं थे जमीन के भाव
आवासीय भूमि की बात करें तो शहर के डीडीपुरम व रामपुर बाग जैसे कुछ इलाकों में जमीन के दाम आसमान छू रहे थे। रामपुर बाग चौराहा से बरेली कॉलेज तक जमीन के रेट 79000 प्रति वर्ग मीटर थे। चौकी चौराहे से संजय कम्युनिटी हॉल तक जमीन का दाम भी इतना ही था। तोमर अस्पताल चौराहे से एलआईसी दफ्तर तक ये दाम और बढ़कर 82000 रुपये तक थे। कुतुबखाना के आसपास की जमीन के दाम 94000 थे। अब नई दरों में करीब 20 से 25 फीसदी वृद्धि के साथ ये दाम और बढ़ने तय हैं।