बरेली। जरूरी नहीं कि सिर्फ दो सप्ताह से ज्यादा खांसने वाले मरीज ही टीबी रोगी हों, अगर लंबे समय तक हल्का बुखार भी है तो क्षय रोग (टीबी) की जांच कराएं। चिकित्सक के मुताबिक टीबी के मरीज मिलने से जाहिर है कि वह हमारे बीच छिपे हैं। जिनकी पहचान जरूरी है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. इंतजार हुसैन ने बताया कि टीबी के मरीजों को खोजने के लिए स्वास्थ्य विभाग सौ दिवसीय अभियान चला रहा है। अब तक करीब आठ लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उसमें से करीब 22 सौ नए मरीज मिले हैं। इसमें कई बच्चे और बुजुर्ग भी हैं। कई लोग संक्रमित परिजन या फिर बाजार, स्कूल, कार्यालय आदि स्थानों पर संपर्क में आने से टीबी के रोगी हो गए हैं। अब तक की जांच में पता चला है कि कई मरीज लक्षण के बावजूद जांच नहीं कराते हैं। ऐसे लोग दूसरों को भी बीमार बनाते हैं।
संक्रमितों के खांसने, छींकने से निकलने वाली बूंदें हवा में तैरती हैं। वह वायरस स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में सांस के जरिए प्रवेश कर जाएं तो उसे बीमार बना देते हैं। इसलिए जो लोग टीबी के चपेट में हैं, वह एहतियात बरतें। जिनमें संदिग्ध लक्षण हैं, वह स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क जांच करा सकते हैं।
जिले के 51 गांव होंगे क्षय मुक्त, सत्यापन पूरा
स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में 12 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। वर्ष 2024 में 51 और ग्राम पंचायतों को क्षय मुक्त करने के लिए सत्यापन पूरा हो चुका है। बताया जाता है कि जिले में प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच से इस उपलब्धि को साझा करेंगे। साथ ही संबंधित प्रधानों को प्रमाण पत्र देंगे। स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुटा है।
पोषाहार वितरण में पिछड़ा जिला
टीबी मरीजों को बेहतर इलाज, जांच आदि सुविधा मिल रही है लेकिन पोषाहार वितरण में जिले का प्रदेश में 50वां स्थान है। बीते दिनों शासन से जारी प्रगति रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसके अनुसार 4,458 टीबी मरीजों में से 1,355 को ही पोषण किट मिली। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. इंतजार हुसैन ने बताया कि पोषण किट जल्द सभी को उपलब्ध करा दी जाएगी।
टीबी के लक्षण
दो हफ्ते से अधिक खांसी व बलगम, रात को पसीना, बलगम में खून आना, सीने में दर्द व वजन कम होना, भूख कम लगना, पैरों में सूजन आदि शुरुआती लक्षण हैं। इसकी निशुल्क जांच होती है। दूसरे चपेट में न आएं इसके लिए जो रोगी हों, वह खांसते, छींकते समय मुंह और नाक को कपड़े से ढंक लें। जो सामान्य हैं वह संदिग्ध लक्षण वालों से दूरी बनाएं।
ब्यूरो