फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: अवैध विज्ञापन पटों की भरमार, शहरवासियों पर मंडरा रहा खतरा

Sun, 04 Oct 2026 12:22 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकृत विज्ञापन पट
विज्ञापन

- 221 यूनिपोल।

- 63 कैंटीलीवर।

- 129 सिंगल पोल।

- 16 स्वागत द्वार।

- 364 कियोस्क।

सालभर में हुई कार्रवाई

- 300 अवैध होर्डिंग मिले।

- 1550 अवैध कियोस्क मिले।

- 92,000 रुपये जुर्माना वसूला।
बरेली। शहर में अवैध यूनिपोल और होर्डिंग्स की भरमार है। विभिन्न सड़कों और प्रमुख चौराहों पर बिना अनुमति लगे यूनिपोल, कैंटीलीवर, सिंगल पोल और कियोस्क शहरवासियों के लिए खतरा बने हुए हैं। अगस्त में आंधी और बारिश के दौरान बदायूं रोड पर यूनिपोल गिरने की गंभीर घटना हो गई थी। इसके बाद अभियान चला, लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं आया। इन अवैध विज्ञापन पटों से निगम को हर साल लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
शहर में यूनिपोल और होर्डिंग लगाने की जिम्मेदारी जागरण इनगेज, प्रकाश आर्ट स्टूडियो, प्रकाश संस एजेंसी, इम्पैक्ट, सैलबैल मीडिया सर्विस, एडटेक प्रिंट एंड मीडिया, क्रिएटिव एडवरटाइजर्स, एडमेकर और प्रकाश पब्लिसिटी जैसी एजेंसियों के पास है। वर्तमान में बटलर प्लाजा रोड, बरेली कॉलेज रोड, पोस्टमाॅर्टम हाउस रोड, विकास भवन रोड, सौ फुटा रोड, पीलीभीत रोड और बदायूं रोड सहित शहर के कई अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर अवैध यूनिपोल और होर्डिंग्स लगे हुए हैं।
विज्ञापन

पूर्व में इन अवैध विज्ञापन पटों को लेकर संबंधित एजेंसियों पर कई बार जुर्माना लगाया जा चुका है। सबसे ज्यादा विज्ञापन बड़े ब्रांड और सराफा कारोबारियों के हैं। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, एक साल के भीतर शहर से 300 अवैध होर्डिंग और 1550 अवैध कियोस्क हटाए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों से 92,000 रुपये जुर्माना वसूला गया है।
शहर में कई जगहों पर लोगों ने अपने घरों की छतों और दीवारों पर भी होर्डिंग्स लगवाए हैं, जिनका ठेका निजी एजेंसियां लेती हैं। नगर निगम की ओर से अंतिम बार अगस्त 2026 में विज्ञापन एजेंसियों को स्ट्रक्चर इंजीनियर से प्रमाणित सेफ्टी ऑडिट सर्टिफिकेट के अनुसार विज्ञापन पट लगाए जाने के लिए निर्देशित किया गया था।
ऐसे होता है खेल
रूफ टॉप स्ट्रक्चर लगाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर एजेंसियां नगर निगम को गुमराह कर रही हैं। एजेंसियां अधूरे भवनों के नक्शे दिखाकर या छत की वास्तविक क्षमता आदि छिपाकर अनुमति ले लेती हैं। कई मामलों में रूफ टॉप स्ट्रक्चर की ऊंचाई और उपयोग की सही जानकारी नगर निगम को नहीं दी जाती। फाइलों में सब कुछ नियमों के मुताबिक दिखाया जाता है, लेकिन मौके के हालात बिल्कुल अलग होते हैं। इस तरह परमिशन फीस, निरीक्षण शुल्क और अन्य टैक्स की चोरी की जाती है।

64 रूफ टॉप स्ट्रक्चर मिल चुके हैं अवैध

नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, शहर में 70 रूफ टॉप स्ट्रक्चर लगे हैं। फरवरी में कराए गए सर्वे में 64 स्ट्रक्चर अवैध पाए गए थे। सर्वे रिपोर्ट में यह भी सामने आया कई एजेंसियों ने बिना अनुमति लिए और नियमों की अनदेखी करते हुए रूफ टॉप स्ट्रक्चर लगाए। इससे नगर निगम को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। अब नगर निगम ने ऐसे सभी भवन स्वामियों से दो साल का व्यावसायिक टैक्स वसूलने का निर्णय लिया है, जिनकी छतों पर अवैध रूप से विज्ञापन लगे पाए गए हैं। साथ ही, संबंधित विज्ञापन एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन


वर्जन
शहर के अवैध होर्डिंग्स को लेकर नियमित अभियान चलाया जा रहा है। टीम को भेजकर दोबारा होर्डिंग्स की जांच कराई जाएगी। जो विज्ञापन पट अवैध हैं, उनपर कार्रवाई होगी। - राजीव कुमार राठी, विज्ञापन प्रभारी, नगर निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें