बरेली। राष्ट्रीय एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन योजना में स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रगति काफी खराब है। इसको लेकर नाराज सीडीओ ने बुधवार को अग्रिम आदेशों तक सभी एडीओ एसआईबी के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है।
सीडीओ देवयानी ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने योजना की समीक्षा की। इसमें देखा गया कि योजना के अधिकांश इंडीकेटर्स पर जिले की प्रगति खराब है। इससे प्रदेश स्तर पर जिले की छवि बिगड़ रही है। उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में एडीओ आईएसबी (सहायक विकास अधिकारी) रुचि नहीं ले रहे हैं।
उन्होंने समीक्षा में पाया कि स्वयं सहायता समूह के गठन और उनकी फीडिंग में प्रदेश स्तर पर जिले की रैंक 55वीं है। राशन कार्ड एवं फैमिली आईडी के लाभार्थियों को समूह से जोड़ने के मामले में जिले की रैंक 67वीं है। सीएलएफ स्टार्टअप में 70 और एक्सटर्नल ऑडिट में 73वीं रैंक है। सभी को हिदायत दी है कि यदि प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। संवाद