इफको आंवला परिसर में बने नैनो कॉम्पलेक्स में नैनो डीएपी (तरल) का उत्पादन शुक्रवार से शुरू हो गया। प्रदेश में नैनो डीएपी बनाने वाला यह पहला संयंत्र है।
ईकाई प्रमुख वरिष्ठ महाप्रबंधक सत्यजीत प्रधान ने कहा कि इफको प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी की देखरेख में यह महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की गई है, जो किसानों के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि धान की फसल की रोपाई से पहले डीएपी की आवश्यकता इस उत्पाद से पूरी की जा सकेगी।
आंवला नैनो संयंत्र ने तय समय में नैनो डीएपी (तरल) का उत्पादन शुरू करने की उपलब्धि हासिल की है। इससे उर्वरक के क्षेत्र में किसानों को समग्र रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। नैनो संयंत्र महाप्रबंधक मुकेश खेतान ने बताया कि अब आंवला नैनो संयंत्र में नैनो यूरिया के साथ नैनो डीएपी का उत्पादन बड़ी उपलब्धि है।
इस अवसर पर इफको इंप्लाइज यूनियन अध्यक्ष सुखदेव, महामंत्री गजेंद्र गंगवार, शिशिर यादव, अनिल कुमार, डाॅ. रवि गुप्ता, आशीष ने इफको परिवार के अधिकारी व कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि डीएपी के उत्पादन से किसानों में खुशी की लहर है। अब उन्हें नैनो डीएपी की उपलब्धता के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। संवाद