बरेली में जिला शुल्क नियामक समिति ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूल फीस वृद्धि और अन्य नियमों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में फीस वृद्धि को पांच फीसदी तक सीमित किया गया है। पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, छात्र से अधिक ली गई फीस वापस करनी होगी। दूसरी बार उल्लंघन पर पांच लाख रुपये का अर्थदंड और फीस वापस करनी होगी। तीसरी बार उल्लंघन पर विकास निधि की अनुमति वापस लेने के अतिरिक्त मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जा सकती है।
समिति ने स्कूलों को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की किताबों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। फीस विवरण पारदर्शी रखने के लिए भी कहा गया है। विद्यालय पांच शैक्षणिक वर्षों के भीतर ड्रेस में बदलाव नहीं कर सकेंगे। इसके लिए जनपदीय शुल्क नियामक समिति का अनुमोदन आवश्यक होगा।
सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को प्रत्येक शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले आगामी वर्ष के शुल्क का विवरण समिति को प्रस्तुत करना होगा। उन्हें प्रवेश शुरू होने से साठ दिन पहले अपनी वेबसाइट पर शुल्क विवरण अपलोड करना होगा। यह जानकारी सूचना पट्ट पर भी प्रकाशित करनी होगी और एक प्रति जिला विद्यालय निरीक्षक को देनी होगी। फीस का भुगतान मासिक, त्रैमासिक या अर्ध-वार्षिक किस्तों में किया जा सकेगा।