फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: ड्रेस-किताबें और फीस को लेकर निर्देश जारी, नियमों के उल्लंघन पर निजी स्कूलों पर होगी कार्रवाई

Tue, 28 Apr 2026 03:18 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। जिला शुल्क नियामक समिति ने फीस वृद्धि को पांच फीसदी तक सीमित कर दिया है। निजी स्कूल किसी विशिष्ट दुकान से किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक - फोटो : विभाग
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में जिला शुल्क नियामक समिति ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूल फीस वृद्धि और अन्य नियमों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में फीस वृद्धि को पांच फीसदी तक सीमित किया गया है। पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, छात्र से अधिक ली गई फीस वापस करनी होगी। दूसरी बार उल्लंघन पर पांच लाख रुपये का अर्थदंड और फीस वापस करनी होगी। तीसरी बार उल्लंघन पर विकास निधि की अनुमति वापस लेने के अतिरिक्त मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जा सकती है।

विज्ञापन


समिति ने स्कूलों को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की किताबों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। फीस विवरण पारदर्शी रखने के लिए भी कहा गया है। विद्यालय पांच शैक्षणिक वर्षों के भीतर ड्रेस में बदलाव नहीं कर सकेंगे। इसके लिए जनपदीय शुल्क नियामक समिति का अनुमोदन आवश्यक होगा। 

सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को  प्रत्येक शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले आगामी वर्ष के शुल्क का विवरण समिति को प्रस्तुत करना होगा। उन्हें प्रवेश शुरू होने से साठ दिन पहले अपनी वेबसाइट पर शुल्क विवरण अपलोड करना होगा। यह जानकारी सूचना पट्ट पर भी प्रकाशित करनी होगी और एक प्रति जिला विद्यालय निरीक्षक को देनी होगी। फीस का भुगतान मासिक, त्रैमासिक या अर्ध-वार्षिक किस्तों में किया जा सकेगा। 

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

अभिभावकों को राहत
समिति ने स्पष्ट किया कि कोई भी विद्यालय कैपिटेशन शुल्क नहीं लेगा। प्रत्येक शुल्क या प्रभार के लिए रसीद देना अनिवार्य होगा। छात्रों को किताबें, जूते, मोजे और यूनिफॉर्म किसी विशिष्ट दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यह निर्णय अभिभावकों को अनावश्यक खर्चों से बचाने में मदद करेगा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन मदद करेगा।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें